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भोजपुरी इंडस्‍ट्री को अश्‍लीलता के दलदल में धकेलनेवाले तथाकथित हीरो और उनकी खासमखास हीरोइनों की फिल्‍मों ने फ्लॉप होकर उन्‍हें ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अब एकाध साल मे उनका बोरिया-बिस्‍तर बंध जानेवाला है, इसलिए सभी राजनीति की ओर भाग रहे हैं। भोजपुरी इंडस्‍ट्री के लिए ये एक अच्‍छी बात होगी, अगर ये सभी यहां से हट जाते हैं।

दरअसल नारी मर्यादा की धज्‍जियां उड़ानेवाले इन सस्‍ते कलाकारों को आधार भी दर्शकों के उस विशेष वर्ग ने दिया है, जिसने इनकी परोसी घटिया चीजों को पसंद किया। इसका नतीजा ये हुआ कि भोजपुरी का वो वर्ग इन सभी सस्‍ते गायकों व नायकों से दूर हो गया, जिसे गंदगी पसंद नहीं थी। लेकिन अब वो समय आ गया है, जब इन गंदे लोगों के द्वारा परोसी जानेवाली गंदगी का लोग जमकर विरोध कर रहे हैं और कई बार इनका र्इंट-पत्‍थर से स्‍वागत भी कर रहे हैं। यानी इनके नाम और दाम दोनों पर एक साथ प्रहार कर रहे हैं।

ऐसी परिस्‍थिति में ये बेहद जरूरी है कि भोजपुरी का वह वर्ग, जो अश्‍लीलता का धुर विरोधी है, वह साफ-सुथरी फिल्‍मों को प्रमोट करे, उनके गीतों को सुने, उन्‍हें देखने के लिए थियेटरों में जाये भी। इससे एक तो साफ-सुथरी फिल्‍म बनाने वाले निर्माताओं में एक नया आत्‍मविश्‍वास जगेगा, दूसरे अश्‍लील वर्ग में यह संदेश भी जायेगा कि लोग अब श्‍लील फिल्‍में ही पसंद कर रहे हैं, इसलिए श्‍लील फिल्‍में ही बनायी जानी चाहिए।

श्‍लील वर्ग के लोगों को ये भी चाहिए कि वो हर उस जगह घुसें, जहां अश्‍लीलों का जमावड़ा हो और उस जमावड़े में घुसकर स्‍ट्राइक करें यानी श्‍लील चीजें परोसकर अश्‍लीलता की जड़ों का सफाया करें। केवल दूर से ही विरोध करने से श्‍लील भोजपुरी की मंजिल को पाना फिलहाल आसान नहीं है।

भोजपुरी के कायाकल्‍प के लिए चाहिए कि जो लोग अच्‍छा गा सकते हैं, वो अच्‍छा गायें, जो अच्‍छी धुनें दे सकते हैं, वो अच्‍छी धुनें दें, जो अच्‍छी एवं साफ-सुथरी कहानियां लिख सकते हैं, वो अच्‍छी कहानियां लिखें। गीतकार अच्‍छे गीतों की रचना करें। निर्देशक और नृत्‍य निर्देशक अच्‍छे दृश्‍यों और अच्‍छे नृत्‍यों का फिल्‍मांकन करें। कहने का तात्‍पर्य यह कि अपनी नीतियों में बदलाव लाकर आगे बढ़ना ही फिलहाल समय की मांग है। लेकिन यह भी ध्‍यान देना जरूरी है कि कहीं अश्‍लीलों के नजदीक जाकर हम भी उनका ही हिस्‍सा न बन जायें।

लेखक-निर्देशक राजेश कुमार की एक बेहद साफ-सुथरी पारिवारिक फिल्‍म ‘लाल’ इसी 12 अप्रैल को बिहार में रिलीज हो रही है। आप सभी इस फिल्‍म को देखें। इसके गीत टी सीरीज के hamaarbhojpuri चैनल पर रिलीज हो चुके हैं। उनका आनंद लें। आपको वो जमाना याद आ जायेगा, जब भोजपुरी गीत-संगीत और फिल्‍में साफ-सुथरे हुआ करते थे।

-एस.एस.मीडिया डेस्‍क 

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