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समय से पहले जन्म क्यों लेते हैं बच्चे ? जानिए विशेषज्ञों की सलाह !

हर माँ बननेवाली औरत को यही डर सताता रहता है की कहीं उसकी सन्तान प्रीमेच्योर (समय से पहले जन्मी ) न हो ? जहाँ तक प्रीमेच्योर जन्म की बात है,तो इसके लिए कई स्थितियों को जिम्मेदार ठहराया गया है ,मसलन ,इन्फेक्शन या संक्रमण .पर क्या इस ‘प्रीमेच्योर बर्थ’ की रोकथाम सम्भव है ? क्या ऐसा कोई एण्टीबायोटिक है जो प्रीमेच्योर जन्म को रोक सकता है ? स्कॉटलैण्ड के यूनिवर्सिटीऑफ़ डंडी के वैज्ञानिक डॉक्टर टार्नव मार्डी इन्ही सवालों के जबाब के लिए पिछले ४ सालों से रिसर्च कर रहे हैं .उनकी अब तक की रिसर्च से पता चला है किसामान्य औरतों के मुकाबले गर्भवतियों को गर्भाशय और मूत्राशय मर ज्यादा संक्रमण की शिकायत होती है .इस संक्रमण से गर्भवती पर भले ही कोई असर न हो,लेकिन इससे बच्चे की सुरक्षा – झिल्ली में जलन पैदा होती है,जिससे ‘प्रास्टाग्लैन्डिंस’ नामक तत्व का रिसाव होने लगता है.चूँकि इसी तत्व के रिसाव से डिलिवरी की शुरुआत होती है,और वक्त से पहले ही शिशु जन्म लेने पर मजबूर हो जाता है.आम तौर पर ऐसे बच्चे कई बिमारियों के शिकार हो सकते हैं.हमेशा के लिए उनका दिमाग ख़राब हो सकता है,उनका विकास धीमा हो सकता है या उन्हें साँस की तकलीफ हो सकती है .बहरहाल ,आगे चलकर अगर इस रिसर्च का कोई पॉज़िटिव नतीजा निकला ,यानी डॉक्टर ‘प्रीमेच्योर बर्थ ‘ पर कन्ट्रोल करने वाली किसी दवा की खोज कर पाए ,तो बड़ी ख़ुशी की बात होगी .

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