सइयां दगाबाज’ के साथ दर्शकों की दगाबाजी : थियेटरों से बनायी दूरी


दिनेश लाल निरहुआ की फ़िल्म ‘सइया दगाबाज’ लगभग 34 सेंटरो में रिलीज हुई है। निरहुआ की फिल्‍म को इतने कम सेंटरों में रिलीज करने कारण पूछने पर फ़िल्म के वितरक शंकर प्रसाद उर्फ चुन्नू ने कहा कि वो चाहते तो 70-80 सिनेमाघरों मे भी लग जाती, लेकिन एक्‍जिहिबिटर्स का भोजपुरी फिल्मों से मोह भंग हो चुका है।

दर्शक थियेटरों में आ ही नहीं रहे हैं। सारे एक्‍जीहिबिटर्स का यही कहना था कि वो एक रुपया एडवांस तो छोड़िए, डिजिटल खर्च भी नहीं उठायेंगे। ऐसी स्‍थिति में कौन वितरक महंगी फ़िल्म लेकर सिनेमाघरों में क्यों लगायेगा। कुल मिलाकर स्थिति अत्यंत खराब है। नाम मात्र के कलेक्‍शन हो रहे हैं।

बहरहाल, आज का ‘सइयां जी दगाबाज़’ का कलेक्शन इस प्रकार रहा-

1.नेशनल,         हाजीपुर              2930 नेट

2.पायल,          मोतिहारी             4200 नेट

3.श्याम,          गोपालगंज             1200 नेट

4.दीपशिखा,       बेगूसराय              3200 नेट

5.पैराडाइज,       गया                 3700 नेट

इसी तरह अन्‍य सेंटरों पर भी हज़ार-बारह सौ का ही कलेक्‍शन हुआ है।

बात अगर यश मिश्रा की ‘ बिटिया छठी माई की’ करें तो एक लंबे अर्से से बनकर पड़ी इस फिल्‍म को रिलीज करने के लिए कोई तैयार ही नहीं हो रहा था। काफी  पापड़ बेलने के बाद अब जाकर ये रिलीज हो पायी है। इसका आज का कलेक्‍शन इस प्रकार रहा-  

1.अजंता,       बिहारशरीफ            700 नेट

2.अम्बिका,     घोड़ासहान               350 नेट

पुराने स्‍टारों और कलाकारों की फिल्‍मों को जब ये हश्र है तो ‘लाल’ तो नये हीरो की फिल्‍म है। चुनावों और रैली के माहौल में नवरात्र अष्‍टमी के दिन यह फिल्‍म दर्जन भर से अधिक सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। हालांकि इसका भी कलेक्‍शन हर जगह नून शो में हजार रुपये के नीचे ही रहा है, लेकिन उम्‍मीद की जाती है कि माउथ पब्‍लिसिटी के चलते इसे धीरे-धीरे फायदा मिल सकता है, क्‍योंकि ये एक साफ-सुथरी फिल्‍म है और इसके गीत-संगीत बड़े खूबसूरत हैं।