‘लोहा पहलवान’ के निर्माता रमेश व्यास को पुलिस ने इस तरह किया था पटना एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

‘लोहा पहलवान’ के निर्माता व फाइनेंसर रमेश व्यास गिरफ्तार. गिरफ्तारी के बाद उन्हें बेउर जेल भेजा गया…लेकिन क्यों हुए गिरफ्तार रमेश व्यास और कैसे हुई उनकी गिरफ्तारी? इन सवालों की तह में जाने के लिए जब हमने खोजबीन की तो अजीबोगरीब बातें सामने आयीं. वो बातें इंडस्ट्री के लिए निश्चित रूप से किसी सबक से कम नहीं हैं. बहरहाल, आइए, इस कहानी को हम विस्तार पूर्वक आपको बताते हैं, जो सूत्रों के हवाले से हमें प्राप्त हुई है.

इसलिए हुई रमेश व्यास की गिरफ्तारी

दरअसल, रमेश व्यास ने जब खेसारी लाल की ‘मुकद्दर’ को रिलीज करने की जिम्मेदारी डॉ. सुनील को सौंपी थी, तभी उनसे 50 लाख रुपये ले लिए थे. डॉ. सुनील को लगा कि इतनी रिकवरी तो खेसारी की फिल्‍म से हो ही जायेगी. लेकिन फिल्‍म जब रिलीज होने की बेला आई तो ‘मुकद्दर’ के सामने खेसारी की ही ‘मैं सेहरा बाँध के आऊंगा’ और पवन सिंह की ‘पवन राजा’ रिलीज हो गयी. आपसी टक्कर का खामियाजा सभी फिल्मों को भुगतना पड़ा और ‘मुकद्दर’ का कलेक्शन डिजिटल कॉस्ट काट कर महज 18 लाख के आसपास ही हो पाया.
डॉ. सुनील ने बाकी पैसों के लिए जब रमेश व्यास से बात की तो उन्होंने यही कहा कि बाकी पैसे वो प्रियंका चोपड़ा की ‘काशी अमरनाथ’ में एडजस्ट करेंगे, जिसे वो ओवरटेक कर रहे हैं. जबकि रमेश व्यास का’ काशी अमरनाथ’ से कोई लेना देना नहीं था. कहने का मतलब यह कि रमेश व्यास ने डॉ. सुनील से सरासर झूठ बोला.

चेक बाउंस कराना महंगा पड़ा रमेश व्यास को

बहरहाल हकीकत पता चलने पर डॉ. सुनील ने जब रमेश व्यास पर पैसों के लिए दबाव बनाया तो उसने डॉ. सुनील को तीन चेक थमा दिए, जो बाद में बाउंस हो गए. डॉ. सुनील ने एक बार फिर जब रमेश व्यास से बात की तो रमेश व्यास ने फिर झूठ बोला और कहा कि सारा हिसाब किताब ‘लोहा पहलवान’ के समय हो जाएगा. लेकिन वक्त जब ‘लोहा पहलवान’ के रिलीज का आया तो रमेश व्यास ने एक दूसरे वितरक दीपू सिंह से डीलिंग कर ली. जाहिर है,  डॉ. सुनील को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने रमेश व्यास से साफ साफ कह दिया कि वो पहले उनके पैसे चुका दें, फिर चाहे जिससे फिल्‍म रिलीज करवाना चाहें, वो करा सकते हैं. लेकिन रमेश व्यास ने डॉ. सुनील की बातों को गंभीरता से नहीं लिया. आखि़रकार तंग आ चुके डॉ. सुनील ने वही किया, जिसका अंदेशा था.
डॉ. सुनील ने पटना कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उनके साथ किए लिखित एग्रीमेंट का रमेश व्यास उल्लंघन करके फिल्‍म रिलीज करने जा रहे हैं, जो कानूनन अपराध है. उन्होंने कोर्ट में किए गए आवेदन में कहा कि रमेश व्यास एग्रीमेंट के मुताबिक पहले उनके पैसे वापस दें, फिर फिल्‍म रिलीज करें और यदि वो ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी फिल्‍म के प्रदर्शन पर रोक लगायी जाये.
कहते हैं कि विनाश काले विपरीत बुद्धि… रमेश  व्यास के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. ‘लोहा पहलवान’ के वितरक दीपू सिंह ने रमेश व्यास से कहा कि वो डॉ. सुनील से मिलकर मामला निपटा डालें, लेकिन रमेश व्यास नहीं माने. उन्होंने साफ साफ कह दिया कि जब डॉ. सुनील कोर्ट में जा ही चुके हैं तो अब मामला कोर्ट में ही निपटेगा.
इधर डॉ. सुनील की याचिका पर गौर करने के उपरांत कोर्ट ने रमेश व्यास को सम्मन जारी कर दिया और कहा कि रमेश व्यास फ़िल्म की रिलीज से एक दिन पहले यानी 19 सितंबर को  कोर्ट में हाजिर होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें.
रमेश व्यास उस दिन कोर्ट में हाजिर होकर अपना पक्ष पेश करने के लिए ही चेन्नई से पटना एयरपोर्ट पहुंचे थे. लेकिन वो कोर्ट तक पहुंच पाते. उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

ऐसे हुई गिरफ्तारी

सूत्रों की मानें तो डॉ. सुनील ने किसी तरह यह पहले ही पता कर लिया था कि रमेश व्यास इंडिगो की फ्लाइट से सुबह सात बजकर पांच मिनट पर पटना एयरपोर्ट पहुंच रहा है. उसी हिसाब से उन्होंने रमेश व्यास को चेक बाउंस के अपराध में गिरफ्तार करवाने की सारी कानूनी प्रक्रियाओं को झटपट पूरा करवा डाला. मजे की बात तो यह कि डॉ. सुनील ने इन सब बातों की किसी को कानोंकान खबर तक नहीं होने दी.
कुछ प्रत्यक्षदर्शी सूत्रों के मुताबिक रमेश व्यास की गिरफ्तारी में पुलिस को सबसे बड़ी दिक्कत इस बात की पेश आ रही थी कि रमेश व्यास की पहचान कैसे होगी? सुना है कि ये जिम्मेदारी खुद डॉ. सुनील ने संभाली और सुबह ही सुबह अपने दलबल के साथ एअरपोर्ट जा पहुंचे. वहां उनके साथ नियमित अंगरक्षक तो थे ही, कुछ स्थानीय पुलिस वाले भी साथ गए हुए थे. एयरपोर्ट पहुंचते ही डॉ. सुनील ने सबकी एंट्री खातिर एयरपोर्ट के संबंधित अधिकारियों से बात करके पास बनवाकर अंदर दाखिल हो लिए.
अब सभी को इंतज़ार था तो उस फ्लाइट का, जिससे रमेश व्यास पटना आ रहे थे. खैर निश्चित समय पर फ्लाइट आई और रमेश व्यास एयरपोर्ट से बाहर आने के लिए गेट की ओर बढ़ने लगे. उनके साथ एक महिला भी थीं. सूत्रों के अनुसार उसी समय डॉ. सुनील आगे बढ़े और उन्होंने रमेश व्यास से हाथ मिलाते हुए कहा, ‘वेलकम टू पटना रमेश व्यास’. रमेश व्यास चौंक पड़े और पूछा कि अरे इतना सवेरे-सवेरे वो यहां कैसे. जवाब में डॉ. सुनील ने कहा कि पटना उनका अपना गृहनगर है, इसलिए वो कहीं भी और कभी भी मिल सकते हैं. इस पर रमेश व्यास ने बस इतना ही कहा कि वो भी पटना एक अदालत के काम से आए हुए हैं. यानी यहां भी असली बात को रमेश व्यास ने छुपा लिया.

ऐसे हुई कोर्ट में पेशी

बहरहाल रमेश व्यास से बातें करके जैसे ही डॉ. सुनील आगे बढ़े, पुलिसकर्मियों ने झपट कर रमेश व्यास को गिरफ्तार कर लिया. उन्हें समझ में ही नहीं आया कि ये क्या हो रहा है. हालांकि रमेश व्यास के साथ आई महिला वकील ने पुलिस से बात की, लेकिन पुलिस वालों ने उनकी एक नहीं सुनी और रमेश व्यास को धकियाते हुए अपनी गाड़ी में बिठा लिया. मुंबई से चेन्नई होते हुए पटना पहुंचीं रमेश व्यास की महिला वकील को भी पुलिस वालों ने उसी गाड़ी में बैठकर पुलिस स्टेशन जाने को कहा, लेकिन मोहतरमा ने मना कर दिया. वो ओला कैब के जरिए गांधी मैदान पुलिस स्टेशन गयीं. वहां रमेश व्यास की कारस्तानी सुनने और जानने के बाद मैडम एडवोकेट मुंबई लौट गयीं. सुना है कि उसी दिन दोपहर के डेढ़ बजे रमेश व्यास को पटना कोर्ट ले जाया गया. सूत्रों के मुताबिक रमेश व्यास को अदालत तक हथकड़ी लगा कर लाया गया.. इतना ही नहीं, उनकी कमर में रस्सी भी लगाकर बांधी गयी थी, बिल्कुल उसी तरह, जैसे किसी शातिर अपराधी को बाँध कर ले जाया जाता है.
बहरहाल, कोर्ट में सुनवाई के बाद रमेश व्यास को बेउर जेल भेज दिया गया, जहां बिहार के तमाम कुख्यात अपराधी बंद हैं. खबर लिखे जाने तक रमेश व्यास का बेटा पटना पहुंच चुका है और कानून के जानकारों से इस संबंध में विचार-विमर्श कर रहा है. कुल मिलाकर अब तक जो हालात नजर आ रहे हैं, उससे यही लगता है कि डॉ. सुनील के पैसे अदा किए बिना रमेश व्यास का बाहर आ पाना असम्भव है.
उम्मीद है कि रमेश व्यास के साथ घटी इस घटना के बाद बाकी लोग भी सबक सीख लेंगे और जिनके चेक बाउंस हुए हैं, उनके पैसे ले देकर वे किसी तरह सुलह सफाई कर लेंगे…वर्ना एक दिन उन लोगों के साथ भी वैसा ही हो सकता है, जो रमेश व्यास के साथ हुआ है. सुना है कि सबसे ज्यादा खतरा इस समय ‘मेहँदी’ मास्टर के लिए है. वैसे सूत्रों पर यकीन करें तो दो-तीन और लोगों के दिन तेज़ी से भर रहे हैं. बे‍हतर यही होगा कि वो समय रहते जेल जाने से बचने का उपाय कर लें…वर्ना पछताएंगे…

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