‘लहंगा-चोली में कोरोना ’ पर भड़के यश कुमार बतायें कि वो सांप बनकर कहां-कहां घुसतेे हैं …


भोजपुरी सिनेमा और संगीत का बेड़ा गर्क करनेवालों में से एक नाम यश कुमार का भी है, जो भोजपुरी की बेहतरी के बारे में बात चलने पर लंबी-लंबी हांकते रहते हैं। और तब भी उन्‍हें यही करते देखा गया, जब हमेशा की भांति असंवेदनशीलता दिखानेवाले भोजपुरी के कुछ गायकों ने कोरोना पर कुछ गाने बनाये।

हालांकि ऐसे गानों पर सोशल मीडिया में हमेशा विरोध होता रहता है, लेकिन इस बार कुछ मुख्‍य मीडिया वालों ने भी इस मुद्दे को उठाया, इस पर सख्‍त एतराज जताया और उन लोगों की जमकर खिंचाई भी की, जिन्‍होंने कोरोना जैसे संवेदनशील मुद्दे पर फूहड़-फूहड़ गीत गाये हैं।

बहरहाल, इसी बात को लेकर फिल्‍म ‘शंकर’ के सेट पर जब मीडिया ने यश कुमार और उनकी परम प्रिय अभिनेत्री निधि झा से सवाल किया तो यश कुमार ऐसे भड़क गये, जैसे उन्‍होंने कभी भी अश्‍लीलता को बढ़ावा नहीं दिया हो और वो हमेशा साफ-सुथरे ही सींस करते रहे हों। यू ट्यूब पर देख लीजिए उनके कारनामे, शर्म भी शर्मा जायेगी। जरा सुनिए कि वो कोरोना पर भड़कने के बाद क्‍या कह रहे हैं…

वैसे, यश कुमार का भड़कना बिल्‍कुल जायज है। हर किसी को इस पर अपनी नाराजगी जतानी चाहिए।

लेकिन इस सच से कैसे इंकार किया जा सकता है कि जो खुद गंदा हो, उसके मुंह से साफ-सफाई की बात अच्‍छी नहीं लगती। यश कुमार जैसे लोगों को इतना तो मानना ही पड़ेगा कि वो लोग आगे-आगे जो राह दिखा रहे हैं, पीछे से लोग उसी का अनुकरण कर रहे हैं। मिसाल के तौर पर यश कुमार और निधि का यह गीत देखिए, आपको समझ में आ जायेगा कि ये खुद कैसे हैं और कैसा काम करते हैं।

यश कुमार के करीबी एक भोजपुरी गायक ने नाम न बताने की शर्त पर पर कहा कि यश को पहले अपना इतिहास देख लेना चाहिए। उनकी नाग वाली फिल्‍मों में नाग कहां-कहां घुसता है और कहां से निकलता है, यह शायद उनको नहीं दिखता। असल में गंदगी ऐसे ही लोगों ने फैलायी है, लेकिन इन्‍हें अपनी गंदगी कभी दिखायी नहीं देती। ये दूसरों की गंदगी पर भड़ककर खुद को बड़ा साफ-पाक साबित करना चाहते हैं।

यश कुमार से किया गया सवाल जायज है, क्‍योंकि उन्‍होंने खुद अपने चैनल यश कुमार एंटरटेनमेंट पर बतया है कि वो कहां-कहां घुसते हैं…नमूना देखिए….