Menu
0 Comments

राजकपूर शाही ने अन्‍याय के खिलाफ उठायी आवाज तो बिग गंगा की सीरियल से कर दिया गया ड्रॉप

अन्‍याय के खिलाफ आवाज उठाओगे तो कुचल दिये जाओगे…भोजपुरी फिल्‍मों के जानेमाने खलनायक राजकपूर शाही के साथ यही हुआ है। वो ’बिग गंगा’ पर शाम साढ़े सात बजे दिखायी जानेवाली सीरियल ‘दिव्‍यशक्‍ति’ के लिए एक अर्से से काम कर रहे थे, लेकिन उन्‍हें अब डूॉप कर दिया गया है और उनकी जगह किसी और को कास्‍ट कर लिया गया है। कारण सिर्फ इतना है कि किसी अन्‍याय के खिलाफ उन्‍होंने आवाज उठायी थी।

दरअसल ‘दिव्‍यशक्‍ति’ सीरियल का निर्माण सागर आर्ट्स (स्‍व. रामानंद सागर का बैनर) के बैनर तले किया जा रहा है और इसकी प्रोड्यूसर मीनाक्षी सागर हैं। इस सीरियल के एक अहम किरदार के लिए राजकपूर शाही को भी साइन किया गया था और उनसे कहा गया कि उनकी बस 10-12 दिन की ही डेट्स की जरूरत है। लेकिन बाद में जब सीरियल की टीआरपी बढ़ी तो उनसे और डेट्स देने को कहा गया, क्‍योंकि सीरियल के एपिसोड्स बढ़ाने थे।

हालांकि भोजपुरी फिल्‍मों की शूटिंग्‍स प्रभावित होने के कारण राजकपूर शाही ने उसी समय कह दिया था कि उन्‍हें दिक्‍कत पेश आ रही है, इसलिए उनकी जगह किसी और कलाकार को ले लिया जाये। पर मीनाक्षी सागर इसके लिए तैयार नहीं हुईं और राजकपूर शाही किसी तरह मैनेज कर रहे थे।

लेकिन इसी बीच बदकिस्‍मती से सीरियल के पूर्व ईपी अमित गुप्‍ता को लकवा लग गया और उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती करने की नौबत आ गयी। उस समय प्रोडक्‍शन हाउस का ये फर्ज बनता था कि वो राजन के बकाया पैसों को भुगतान कर दे, ताकि उनका इलाज हो सके। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब कि अमित गुप्‍ता की तीन-चार महीने की तन्‍ख्‍वाह बाकी थी।

राजकपूर शाही को ये बात खल गयी। उन्‍होंने नाराजगी व्‍यक्त करते हुए सीरियल की प्रोड्यूसर मीनाक्षी सागर को मैसेज किया। मैसेज में उन्‍होंने जो लिखा था, उसका सारांश कुछ इस प्रकार है- लकवा लगने के कारण अस्‍पताल में भर्ती अमित गुप्‍ता को अस्‍पताल के बिल देने के लिए पैसों की सख्‍त जरूरत है, जबकि उनकी तीन महीने की तन्‍ख्‍वाह बाकी है। अमित गुप्‍ता की असहाय पत्‍नी लोगों से आर्थिक मदद मांगती फिर रही हैं। ये निहायत चिंता की बात है, क्‍योंकि पैसे के अभाव में किसी की जान जा सकती है।

उन्‍होंने प्रोड्यूसर को संबोधित करते हुए लिखा कि मैडम, अस्‍पताल के बिस्‍तर पर पड़ा इंसान अपनी मेहनत से कमाये पैसों की मांग कर रहा है, किसी से भीख की अपेक्षा नहीं कर रहा है। कृपया इस मामले पर ध्‍यान दीजिए, क्‍योंकि इस चीज का असर हम कलाकारों पर बहुत बुरा हुआ है। अगर आप इस पर ध्‍यान नहीं देती हैं तो हम लोग आगे की शूटिंग नहीं कर पायेंगे। हालांकि हमारा ऐसा कहने का मतलब सिर्फ इतना है कि उसे इस समय पैसों की सख्‍त जरूरत है, जो उसे मिलने चाहिए। हमारा आपको किसी तरह की तकलीफ पहुंचाने का इरादा कतई नहीं है।

शाही द्वारा किये गये इस मैसेज के बाद प्रोडक्‍शन हाउस ने अमित गुप्‍ता की एक महीने की तन्‍ख्‍वाह तो जरूर रिलीज कर दी, लेकिन उसके बाद राजकपूर शाही को आउट करने का मन भी बना लिया। और अब राजकपूर शाही को ड्रॉप कर उनकी जगह किसी और को ले लिया गया है।

राजकपूर शाही से संपर्क करने पर वो कहने लगे कि उनके इस सीरियल से ड्रॉप किये जाने का कोई गम नहीं है, क्‍योंकि वो खुद निकलना चाह रहे थे। लेकिन एक बात का गम भी है और वो ये कि उनके साथ दो और कलाकारों को भी आउट कर दिया गया, जबकि उन बेचारों को काम की बेहद जरूरत थी।

अपनी बातों को बढ़ाते हुए ये भी कहते हैं, ‘‘इंसानियत का धर्म सबसे बड़ा होता है। एक आदमी की जान जा रही है और उसके पैसे आप पर बकाया निकलते हों, फिर भी आप चुकता नहीं करते, ये कहां की मानवता है? उस बेचारे की पत्‍नी लोगों से पैसे मांग रही थीं और आपके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही थी। ऐसे में मैंने अगर एक तल्‍ख मैसेज भेज दिया तो इसमें इतना बुरा माननेवाली कौन-सी बात थी….।

शाही कहते हैं कि एग्रीमेंट के अनुसार 60 से 90 दिन के अंदर हर कलाकार को उसका पारिश्रमिक मिल जाना चाहिए, लेकिन पांच महीने हो गये, लोगों को उनको मेहनत के पैसे नहीं मिले। प्रोडक्‍शन हाउस का ये रवैया बहुत गलत है। पैसे की बात करो तो ये लोग चैनल पर डाल देते हैं। कहते हैं कि चैनल से पैसे आये ही नहीं तो कहां से दें।

इन बातों में सच्‍चाई कितनी है, ये तो मीनाक्षी सागर और बिग गंगा वाले ही जानते हैं, लेकिन कलाकारों का समय से पैसा न मिलना या उनके बीमार होने पर उनके ही पैसे उन्‍हें न देना एकदम ही निंदनीय बात है। मीनाक्षी सागर को एक बार फिर से बैठकर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाना चाहिए।

Tags: , ,
error: Content is protected !!