रवि किशन के सामने आयी दूसरी समस्‍या : जहां ‘सनकी दरोगा’ प्रचार करने जा रहे हैं, वहां थिएटर ही नहीं मिला


रवि किशन की कल रिलीज हो रही फिल्‍म ‘सनकी दरोगा’ का प्रमोशन इस समय मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। एक मुसीबत हटती नहीं कि दूसरी टपक जाती है। कल बिहार शरीफ में जब उन्‍हें अपनी फिल्‍म का प्रमोशन करने का मौका नहीं मिला तो उन्‍होंने मोतीहारी जाने का फैसला किया। लेकिन सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि वहां उनकी इस फिल्‍म को लगाने के लिए कोई थिएटर ही नहीं मिल पाया है। अब वहां प्रमोशन किस काम का, ये तो रवि किशन ही जानें।
एक बात और रवि किशन कह रहे हैं कि वहां जाकर एक स्‍कूल में वो बच्‍चों को बलात्‍कार के प्रति जागरूक करेंगे। सवाल ये उठता है कि स्‍कूली बच्‍चों को ये महोदय इस तरह के विषय पर कैसे किन शब्‍दों में जागरूक करेंगे? ये जो कुछ भी उन्‍हें बतायेंगे, क्‍या उसका उन बच्‍चों के कोमल मनोमस्‍तिष्‍क पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा? बेहतर तो ये होगा कि रवि किशन को अगर वाकई समाज की चिंता है तो उन्‍हें स्‍कूलों में जाकर चरित्र निर्माण के मुद्दे पर बात करनी चाहिए, ताकि लड़कियों के प्रति लड़कों की सोच में पवित्रता आये।

गौरतलब है कि रवि किशन ने दिनेशलाल निरहुआ की ‘बॉर्डर’ के प्रचार के नक्‍शे कदम पर चलते हुए बिहार शरीफ में कबड्डी खेलकर अपनी फिल्‍म का प्रमोशन करने की योजना बनायी थी, लेकिन ऐन वक्‍त पर वहां के डीएम ने रवि किशन द के आयोजन को कैंसल कर दिया और सारा गुड़ गोबर हो गया।

रवि किशन हालांकि तैश में आये और जाकर डीएम से मिले भी। वहां अपना रोना भी रोये, अपने तर्क भी दिये, लेकिन डीएम ने उनकी एक नहीं सुनी। सूत्रों के अनुसार डीएम ने साफ-साफ कह दिया कि बलात्‍कार की फिल्‍म और कबड्डी से कुछ लेना-देना नहीं है। इसलिए बेहतर यही होगा कि वो उस थिएटर में जाकर प्रचार करें, जहां उनकी फिल्‍म रिलीज होने वाली है। जाहिर है कि बात खरी कही थी, सो रवि किशन आहत हो गये और बाहर आकर मीडिया में बयान देने लग गये कि डीएम ने कबड्डी को कैंसल कर ठीक नहीं किया। इससे उनके दिल को बहुत चोट पहुंची है।