February 27, 2021

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सेंसेनल न्यूज़ रूम

मनोज तिवारी ने किया पवन सिंह का पत्‍ता साफ?

चुनावी माहौल अपने शबाब पर है। भोजपुरी इंडस्‍ट्री के तीन लोग- मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल निरहुआ भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इन सबके बीच एक नाम गुम है और वो है पवन सिंह का। हालांकि पवन सिंह के भी अलग-अलग जगहों से चुनाव लड़ने की खबरें बीच-बीच में उड़ती रहीं, लेकिन अभी तक कुछ भी स्‍पष्‍ट नहीं है। अब तो एक बड़ा वर्ग ये भी कह रहा है कि पवन सिंह का पत्‍ता कट चुका है। उन्‍हें अब कहीं से भी टिकट नहीं मिलनेवाला है।

वैसे देखा जाये तो जिन तीन लोगों पर भाजपा ने अपना दांव खेला है, लगभग उन लोगों के जैसा ही पवन सिंह का भी चाल चरित्र है। वो भी वैसे ही अश्‍लील गायक हैं, जैसे दिनेश लाल निरहुआ हैं। लोकप्रियता के मामले में वो मनोज तिवारी और दिनेश लाल निरहुआ से बीस ही हैं। उनकी इसी लोकप्रियता के आधार पर तो उन्‍हें भाजपा में शामिल किया गया था। बावजूद इसके उनको अभी तक टिकट न दिया जाना आशंका को जन्‍म तो देता ही है।

खबरों के अनुसार भाजपा पवन सिंह को बिहार से टिकट देने के मूड में थी, लेकिन गठबंधन के जाल में उलझने के कारण बात जब नहीं बनी तो उन्हें उत्तर प्रदेश के भदोही या पश्चिम बंगाल के आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाने के बारे में विचार किया गया था। बाद में ये भी जोरशोर से सुनने में आया कि अब वो हावड़ा से चुनाव लड़ेंगे, क्‍योंकि उस क्षेत्र में बिहारियों की तादाद काफी है। लेकिन ऐन वक्त पर ऐसा पाशा फेंका गया कि पवन सिंह का पत्‍ता ही साफ हो गया।

अंदर के सूत्रों की मानें तो मनोज तिवारी नहीं चाहते थे कि पवन सिंह को टिकट मिले और हुआ भी वही। सोशल मीडिया में भी ये बात धीरे-धीरे वायरल हो रही है। हालांकि कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि पवन सिंह की कम शिक्षा-दीक्षा और तकरीबन हर मंच पर ये कहना कि हम ज्‍यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, उनके लिए नुकसानदेह साबित हुई है। पटना में एक ऐसा वर्ग भी है जो इसे जाति के चश्‍मे से देख रहा है। उसका कहना है कि पवन सिंह को इसलिए टिकट नहीं मिला, क्‍योंकि वो राजपूत हैं।

पवन के चाहनेवालों को दुख इस बात का है कि उन्‍हें भाजपा में शामिल सबसे पहले किया गया और टिकट आज तक नहीं दिया गया। पार्टी को पवन सिंह की प्रतिष्‍ठा का खयाल करते हुए कम से कम प्रचार करने के लिए तो आदर के साथ बुलाना चाहिए था, लेकिन वो भी नहीं किया।

बहरहाल कारण चाहे कुछ भी हो, लेकिन पवन सिंह को भाजपा ने अब तक कहीं से टिकट नहीं दिया है, जबकि तीन चरण का मतदान हो चुका है और गुजरते हर दिन के साथ उनको टिकट मिलने की उम्‍मीद भी अब धूमिल होती जा रही है। देखिए] अंतत: होता क्‍या है?