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मशहूर अभिनेता और दिल्‍ली भाजपा अध्‍यक्ष मनोज तिवारी ने नेता बनने के बाद पहली बार नये साल के अवसर पर मुंबई के रहेजा क्‍लासिक क्‍लब में एक शानदार पार्टी दी थी। लेकिन मनोज तिवारी की इस पार्टी में ऑल इज नो वेल की खबर आ रही है।

सुना है कि मनोज तिवारी की तरफ से ये निर्देश दिया गया था कि इंडस्‍ट्री के जानेमाने लोगों को ही उस पार्टी में आमंत्रित किया जाये। लेकिन पार्टी भोजपुरी वालों की हो, और बिन बुलाये मेहमान उसमें न आयें, ये भला कैसे हो सकता है। उसमें भी पार्टी देनेवाला जब मनोज तिवारी जैसा नामी शख्‍स हो तो फिर पूछना ही क्‍या…

रवि किशन, खेसारी समेत तमाम लोग उस पार्टी में तशरीफ लाये, जिनमें अभय सिन्हा, सुनील बूबना, प्रदीप जी, जितेश दुबे, महेश पांडे, प्रवेश लाल यादव, मुकेश पांडेय, डायरेक्टर बाली, बॉबी सिंह, के डी, असलम शेख, श्रेय श्रीवास्तव, जय प्रकाश , मनोज ओझा, रजनीश , देव पांडे, अशोक कुमार दीप,श्याम गुलाटी, डॉक्टर आनंद, अरविंद चौबे, धनंजय मिश्रा,लवी रोहतगी, स्मृति सिन्हा, शुभी शर्मा, अनारा गुप्ता, प्रियंका, अभिनेता प्रिंस सिंह राजपूत, आदित्य ओझा, नील, डिम्पल सिंह,आदित्य सिंह, डांस डायरेक्टर रिक्की गुप्ता, गीतकार श्याम देहाती, अवधेश मिश्रा, पत्रकार मिथिलेश सिन्हा, सुमंत मिश्रा, हरि मृदुल, मनोज दुबे, वीरेंद्र मिश्रा,राव साहब दाभाड़े, पीआरओ पुनीत खरे, समरजीत, शशिकान्त सिंह,उदय भगत, संजय भूषण, अखिलेश, कुलदीप श्रीवास्तव, अभिनेता विकास सिंह वीरप्पन, प्रमोद पांडे, इरफान, अशोक मेहता, नरसू आदि प्रमुख थे। लेकिन इन सबके बीच कुछ लोगों के बिना आमंत्रण के ही पहुंचने की भी खबर आ रही है।

बहरहाल, सब कुछ ठीकठाक चल रहा था। पार्टी में जो कुछ आख्‍यान दिया गया या मनोज तिवारी ने जो कुछ गीत गुनगुनाये या खेसारी ने अपना बेसिर पैर का जो भाषण दिया, आमंत्रित लोगों ने उसे सुना और उसका लुत्‍फ लिया। उसके खाने-पीने का दौर बाद चला और फिर सभी अपनी-अपनी मंजिल की ओर रवाना हो गये।

लेकिन इस बीच सूत्रों की मानें तो उसी पार्टी में अखिलेश सिंह पी आर ओ के साथ ना जाने क्‍या घटा कि वो देर रात रोते हुए देखे गये। उनका चेहरा सूजा हुआ था, हाथ में आयी खरोंच से खून भी निकल रहा था और वो यही कह रहे थे कि उन्‍हें निर्देशक अरविंद चौबे ने पीटा है, जबकि अरविंद चौबे ने इस बात से इंकार कर दिया।

अखिलेश से लोगों ने जब ये पूछा कि उन्‍हें उस पार्टी में किसने बुलाया था, तो उन्‍होंने एक पुराने पीआरओ का नाम लिया, लेकिन वहीं पीछे खड़े उस पी आर ओ ने तुरंत इंकार कर दिया और कहा कि उसने अखिलेश को नहीं बुलाया था।

बेचारे अखिलेश उस रात इस  मारपीट की घटना की पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कर रहे थे, लेकिन अब खामोश हो गये हैं। अब ये पूछने पर कि उन्‍हें किसने और क्‍यों मारा-पीटा, वो कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं। कहते हैं कि फोन पर कुछ नहीं बता सकते, मिलकर बतायेंगे। अब इस मिलकर बताने के पीछे क्‍या कारण है, ये तो वही जानें….लेकिन अखिलेश के साथ जो कुछ हुआ, वो बहुत ही दुखद है।

एक सूत्र ने बताया कि उस रात अखिलेश यहां तक कह रहे थे कि उन्‍होंने जो खाया-पीया है, वो चुका देंगे। यानी इससे अंदेशा तो यही होता है कि उनके आने पर किसी ने आपत्‍ति जतायी थी और बाद में बात बढ़ गयी और मामला मार-पीट की हद तक पहुंच गया।

 

 

 

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