Menu
0 Comments

हिंदी के सुपरस्टारों से भोजपुरी के टुच्चे लफंगे और तीन कौड़ी के स्टारों की तुलना करने वाले बिन पेंदी के चमचों, एक बात बताओ, माने पूछ रहा हूं, ज्यादा गर्म मत होना,,रात में हराम की दारू पीने के बाद दिन में तो कुछ मिलता नहीं इसलिए ज्यादा गर्मी रहती है,,

हां तो मुद्दे की बात पर आते हैं,,60,,70,,80,,90 के दशक में हिंदी के सुपरस्टारों के नाम पर देश के लाखों-करोड़ों बच्चों का नामकरण उनके माता पिता किया करते थे और आज भी कर रहे हैं,,ये तब भी आलम था और आज भी है देश में उनके क्रेज का,,जरा कुछ नामों पर गौर करो,,,दिलीप,,राज,,देव,,धर्मेंद्र,,जितेंद्र,,अमिताभ,,रितिक,,सलमान,,आमिर वगैरह वगैरह। लिस्ट बहुत लंबी है,,,,,
अब मुझे ये जानने की उत्सुकता है कि अपने भोजपुरी पट्टी में भी ऐसा कुछ हुआ है क्या,,तुम तमाम भोजपुरिया स्टार की पूंछों अपने-अपने घरों में अगल-बगल, पास-पड़ोस और गांव तथा जिला-जवार में घूम-घूम के देखो और हम सभी लोगों को बताओ कि इन 10-15 सालो में किसी ने अपने नैनिहालों का नाम,,निरहू,खेसारी,,कलुआ,,जैसा एंटीक नाम किसी ने रखा है क्या,,मालूम हो तो बताना। नहीं हो तो अपने बच्चों का नाम रख देना,,,,। पवन,,मनोज तिवारी और रवि किशन का नाम इसलिए नही लिया कि ये सब कॉमन नाम हैं,,,बुरा लगे तो माफ करना।  

Tags: ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!