भग्गनवा जैसों ने सिनेमा का क्रेज ख़तम कर डाला – सनोज मिश्रा

दुनिया में मंहगाई बढ़ी, लेकिन फिल्म बनाना आसान और सस्ता हुआ. रील के ज़माने को गुजरे बहुत वक़्त नहीं हुआ, जब एक एक शॉट और संवाद के लिए खूब रिहर्सल और होम वर्क किया जाता था… लोगों में सिनेमा के प्रति परफेक्शन होता था. लेकिन डिजिटल कैमराज आने के बाद बहुत सी बन्दिशों से आजाद होकर सिनेमा खास न होकर आम हो गया. अब पहले की तरह फिल्म इंडस्ट्री सिर्फ मुंबई तक सीमित ना रहकर, मुंबई के उपनगरों, दूसरे शहरों और कस्बों से होते हुये खेत खलिहान के रास्ते भैंस चराते भग्गन लाल तक पहुँच गई. अब जब तक मन किया, भैंस चराई…नहीं तो जेब से निकाला कैमरा और लगे फिल्म बनाने. अब मैं खुद कभी कभी सोचता हूँ कि जब मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को हमारे गाँव तक आना ही था तो मैं अपना गाँव घर छोड़ 20 सालों तक क्यों शाट्स, लेंस, कैमरा, मेकिंग, मार्केटिंग, लाइटिंग, स्क्रींन प्ले और दर्शकों की नब्ज टटोलता रहा?
दरअसल, पिछले दिनो बिहार जाना हुआ, जहाँ मेरे साथ हालीवुड फिल्म के निर्देशक जोन केम भी थे. वो बिहार की पृष्ठभूमि पर एक डाक्यूमेंट्री बना रहे थे. मैने उनका परिचय गाँव के मुखिया से कराया कि “ये मिस्टर जोन हैं. बहुत बड़े फिल्म डायरेक्टर.” मुखिया ने गोबर उठाते हुये जवाब दिया, ” डायरेक्टर त हमरे गाँव का भग्गनवा भी है. अभे कल्हय फीलिम बनाय रहा था सरवा.. एह में कवन खास बात है. ”
ये जो खास बात थी, वही सिनेमा था…जिसने आम होते ही सिनेमा घरों को सन्नाटा घरों में बदल दिया. पहले लोग सिनेमा देखने जाते थे, लाइन लगाते थे, टिकट के लिए लाठी डंड़े खाते थे…लेकिन अब हम सिनेमा लोगों को दिखाने जाते हैं.. रेडियो, टी वी, पोस्टर-बैनर, फेसबुक व्हाट्सएप्प, बैनर, बिल्ला, स्टीकर से लेकर प्रमोशन के नाम पर हीरो हिरोइन को लोगों के दरवाजों पर नचाकर फिल्म दिखाने की कोशिश करते हैं. वहीं दूसरी ओर सिनेमा हाल मोबाइल टिकट बुकिंग करने से लेकर टिकट को आपके घर किचन तक पहुँचाने की व्यवस्था कर रहा है. लोकल टैलेन्ट के नाम पर पनप रहे भग्गनों ने ना कभी सिनेमा और ना ही कभी तकनीक को समझने की कोशिश की. बस पिले पड़े हैं. इस रेलम पेल ने सिनेमा के क्रेज को खतम कर एकदम आम बना दिया और लोग कहने लगे सिंगल स्क्रींन बंद हो रहे हैं, क्योंकि लोग सिनेमा देखने अब नहीं आते …कहाँ से आयेंगे, जब हर गली गाँव में भग्गनवा फीलिम के नाम पर तांडव मचाये हुये है और टैलेंट तो मानो टपका जा रहा है ..ह ह ह ह ह ह ह ह….

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