‘बबुनी रोशन करीहें दु दु गो महलिया’ : आशीष दूबे की सुरीली आवाज में एक शानदार सोहर


आशीष दूबे….एक युवा गायक…एक क्रांतिकारी गायक….हमेशा कुछ ऐसा करने की तमन्‍ना रखनेवाला, जो भोजपुरी के मान-सम्‍मान को बढ़ाने वाला हो। आशीष की आवाज बड़ी बुलंद है, तभी तो वो जिस किसी भी गीत को आवाज देते हैं, वो काफी खूबसूरत बन जाता है।

आशीष इस बार एक सोहर लेकर आये हैं ‘बबुनी रोशन करीहें दु दु गो महलिया…’। इस गीत के बोल सुनकर रामचरित मानस की एक चौपाई बरबस याद आ गयी- पुत्रि पबित्र किये कुल दोऊ, सुजस धवल जगु कह सबु कोऊ।।  खैर, हम बात कर रहे थे आशीष दूबे की गायी सोहर की तो, अब आप सोचेंगे कि इसमें कौन-सी बड़ी बात है। पर है बड़ी बात। उन्‍होंने ये सोहर किसी लड़के के जन्‍म पर नहीं, बल्‍कि एक लड़की के जन्‍म को ध्‍यान में रखकर गाया है। यानी जो सम्‍मान लड़के को अब तक प्राप्‍त था, वही सम्‍मान आशीष ने अपने गीत के माध्‍यम से लड़की को दिलाने का प्रयास किया है। इसके लिए इसके लेखक पवन कुमार अर्पित, गायक आशीष दूबे और संगीतकार अंजनी की जितनी भी तारीफ की जाये, कम ही है।

भोजपुरी का सम्‍मान वापस दिलाने की दिशा में उठाये जा रहे कदमों का यह सिलसिला इसी तरह चलते रहना चाहिए।