फिल्‍म दिखाकर बुरे फंसा आरा का सपना सिनेमा


देश के एक जिम्‍मेदार नागरिक का यह फर्ज होता है कि देश पर आई आपदा के समय वो कंधे से कंधा मिलाकर देश का साथ दे, ताकि देश सकुशल उस आपदा से बाहर निकल सके। लेकिन बिहार के सिनेमाघरों के कुछ मालिकों को ये बात कौन समझा सकता है, जो समझने को तैयार ही नहीं हैं।

अब देखिए न, पिछले हफ्ते शुक्रवार को ही शाम 3 बजे बिहार सरकार ने आदेश जारी कर कहा था कि 31 मार्च तक प्रदेश के सभी स्‍कूल, कॉलेज, सिनेमाघर और मॉल्‍स को बंद रखा जायेगा ताकि प्रदेश के लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे रहें, लेकिन आरा के सिनेमाघरों ने सरकार के उस आदेश को ठेंगा दिखा दिया। मजे की बात तो ये है कि आदेश शुक्रवार को ही जारी कर दिया गया था और कुड जिम्‍मेदार सिनेमाघर के मालिकों ने शुक्रवार को ईवनिंग शो से ही सिनेमा का प्रदर्शन रोक भी दिया था, लेकिन आरा के सिनेमाघर शुक्रवार तो क्‍या शनिवार, रविवार को भी चारों शो में फिल्‍म दिखाते रहे।

लेकिन सोमवार को एक अखबार ने जब इस खबर को ब्रेक किया तो प्रशासन हरकत में आ गया। खबरों की मानें तो आरा का सपना सिनेमा रविवार के दिन भी चालू पाया गया। नतीजा वहां के एसडीओ अरुण प्रकाश ने सपना के प्रबंधक को शो कॉज नोटिस भेज दिया। सोमवार को भेजे गये उस नोटिस में कहा गया है कि चूंकि सिनेमाघर ने सरकार के आदेश का उल्‍लंघन किया है, इसलिए उसका लायसेंस क्‍यों न रद्द कर दिया जाये। सिनेमा मालिक को जवाब देने के लिए महज 24 घंटे की मोहलत दी गयी है।

अब देखना ये है कि सिनेमाघर का मालिक इस नोटिस के जवाब में क्‍या कहता है…आखिर उसकी वो कौन सी मजबूरी थी, जिसके चलते उसने लोगों की सेहत की परवाह को दरकिनार कर फिल्‍म का प्रदर्शन जारी रखा।