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लोगो में यह आम धारणा है किप्रोटीन वाला खाना अधिक मात्रा में खाने से मांस -पेशियाँ बढ़ती है ,जबकि किसी भी बात की ‘अति ‘ नुकसाह देह होती है और यह बात यहाँ भी लागु होती है .सच तो यह है कि उभरी हुई मांस -पेशियों का राज उनकी कशरत हो सकता है,ज्यादा प्रोटीन वाला भोजन नहीं .
प्राप्त सबूतों के आधार पर कहा जा सकता है कि कसरत,व्यायाम,आदि शारीरिक श्रम के दौरान शरीर एक से डेढ़ ग्राम प्रोटीन की ही जरूरत होती है .वर्ना रोजमर्रा के सन्तुलित आहार से शरीर को उचित मात्रा में प्रोटीन मिल ही जाता है.और यह शरीर में उचित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स की पूर्ति भी होती रहे ,तो शरीर को ऊर्जा पैदा करने के लिये प्रोटीन का उपयोग नहीं करना पड़ता .क्योंकि फिर यह काम कार्बोहाइड्रेट्स करते हैं.कहना न होगा कि यदि आप मांस- पेशियाँ बढ़ाने के चक्कर में प्रोटीन वाला आहार ज्यादा लेते रहे,तो प्रोटीन की अतिरिक्त मात्रा का उपयोग या तो ऊर्जा पैदा करने या तो ऊर्जा पैदा करने में होता है या फिर चर्बी बनकर शरीर में जमा हो जाता है या मल-मूत्र द्वारा शरीर से बाहर आ जाता है.

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