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पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान ने चुनाव लड़ रहे भोजपुरी अभिनेताओं से मांग की है कि वे अपनी हर बड़ी जनसभा में इस बात का ऐलान करें कि वे भोजपुरी फिल्मों, गीतों, वेब सीरीज और मनोरंजन कार्यक्रमों में अश्लीलता नहीं बरतेंगे। प्रतिष्ठान ने इस बात पर संतोष जताया है कि मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल यादव निरहुआ ने अश्लीलता के विरुद्ध अपनी सहमति जताई है, और इस बात का सार्वजनिक मंचों से भी एलान किया है। और पवन सिंह और खेसारीलाल यादव भी कमोबेश इसी तरह की सहमति के संकेत दे रहे हैं।

प्रतिष्ठान के सचिव पत्रकार श्री ओम प्रकाश ने इन कलाकारों को पत्र लिख कर कहा है कि ये सहमतियां एक बड़े सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रही हैं और स्वागत योग्य हैं। लेकिन इनमें अभी और भी बदलाव की जरूरत है। ये कलाकार अभी भी “लॉलीपॉप लागे लू ” को भोजपुरी समाज की छठी और बरही का गीत समझते हैं, जो गलत और निंदनीय है। कलाकारों को अपनी इस समझ और अपनी इस मनोवृत्ति को बदलना होगा।

पत्र में श्री ओम प्रकाश ने लिखा है कि कलाकार यदि आगे बढ़ कर अश्लीलता के सम्पूर्ण निषेध की पैरवी करें, और उसके लिए अपनी प्रतिबद्धता जतायें, तो अश्लीलता, अभद्रता, फूहड़पन और नंगई के जिस अजदहे ने भोजपुरी समाज को घेर रखा है, उसकी जकडनें तुरंत ढीली पड़ जाएँ।

प्रतिष्ठान ने इन कलाकारों से इस बात की भी मांग की है कि वे अपने अश्लील गीतों को, यदि उनके लिए ऐसा कर पाना संभव हो तो यू ट्यूब से भी हटवाएं। इन पत्रों की प्रतिलिपि भाजपा अध्यक्ष श्री अमित शाह को भी भेजी गयी है, और उनसे मांग की गयी है कि यदि वे कलाकारों की व्यापक पहुँच का लाभ ले रहे हैं, तो इस बात को भी सुनिश्चित करें कि ये कलाकार अपनी इस राजनीतिक ताकत का गलत इस्तेमाल नहीं करेंगे। यह संयम न बरता गया तो स्थिति विस्फोटक हो जाएगी।

ठीक इसी तरह का पत्र मुंबई उत्तर पश्चिम से समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रहे सुभाष पासी को भी लिखा गया है। पासी भोजपुरी फिल्मों और सिनेमाई कार्यक्रमों के बड़े फिनांसर हैं।

पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान ने आजमगढ़ और गोरखपुर के मतदाताओं से भी अपील की है कि वे इन कलाकारों से अश्लीलता के प्रति सम्पूर्ण प्रतिबद्धता जताने, और भाषा, साहित्य, संस्कृति और समाज के पक्ष में स्पष्टता से खड़े होने की मांग करें।

ओम प्रकाश

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