नहीं बिकी ‘राजा जानी’ तो बिगड़ गये बोल खेसारी के

भोजपुरी फिल्‍म इंडस्‍ट्री में दो लाल हैं। एक हैं दिनेश लाल यादव और दूसरे का नाम है खेसारी लाल यादव है। दोनों इस समय जबर्दस्‍त विवादों के घेरे में हैं और दोनों ने ऐसा काम किया है, जिसकी जितनी निंदा की जाये, कम ही है।

दिनेश लाल यादव ने एक पत्रकार को भद्दी गालियां देने के साथ-साथ घर में घुसकर टुकड़े टुकड़े कर देने की धमकी दी तो खेसारी ने कहा है कि दिनेश लाल, पवन सिंह और खुद यानी खेसारी लाल का नाम निकाल दिया जाये तो भोजपुरी क्‍या है।

दरअसल इन दोनों लालों की समस्‍या ये है कि इन्‍हें अनपेक्षित मिली सफलता ने इनका दिमाग खराब कर रखा है। लेकिन इनकी ताजा समस्‍या ये है कि इनकी फिल्‍में रिकवरी नहीं कर पा रही हैं। यानी निर्माता के लिए लगातार घाटे का सौदा साबित हो रही हैं।

सबसे पहले दिनेश की बात करते हैं। उनकी पिछली 14 फिल्‍मों के लाइन से नुकसान का सौदा साबित होने के कारण वितरकों ने जब ‘बॉर्डर’ को दिनेश की मुंहमांगी कीमत का आधा भी देने से मना कर दिया तो ताव में आकर दिनेश ने खुद का पटना में वितरण ऑफिस खोल लिया। ऑफिस खोलने के बाद उन्‍हें दाल आटे का भाव पता चल गया। आज आलम ये है कि फिल्‍म खुद रिलीज करने के बाद भी उन्‍हें रिकवरी नहीं हो पा रही है।

अब बात करते हैं खेसारी लाल यादव की। इनकी फिल्‍म ‘राजा जानी’ महीनों से बनकर तैयार थी, पर उसे भी खरीदार नहीं मिले। आखिरकार उसे रिलीज करने के लिए खेसारी को खुद का वितरण चालू करना पड़ा है। चूंकि दिनेश या खेसारी ये स्‍वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि उनके दिल लद चुके हैं, इसलिए कुंठित हो कर बिगड़े हुए बोल बोल रहे हैं।

खेसारी को अब कौन समझाये कि तुम हो या दिनेश या फिर पवन, तुम लोगों की वजह से भोजपुरी नहीं है, तुम सभी भोजपुरी से हो और भोजपुरी की मांस नोंचकर मोटे बने हो। इसलिए जुबान पर लगाम लगाओ और भोजपुरी में दूसरे लोगों के योगदान को श्रेय देना सीखो।

 

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