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देखें वीडियो : पवन और अक्षरा विवाद पर दिनेश लाल निरहुआ नहीं दे पाये सही-सही जवाब

पवन और अक्षरा सिंह के बीच छिड़े विवाद पर इंडस्‍ट्री में जो चर्चा चल रही है, उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकल रहा है। हर कोई बस जलेबी की तरह गोल-गोल घुमा रहा है। एक ही आदमी कभी कुछ, तो कभी कुछ बोल रहा है। दिनेश लाल निरहुआ को ही देख लीजिए।

जिस समय यह विवाद उठा, उस समय दिनेश लाल ने मीडिया से कहा कि पुलिस को जो करना होगा, वह करेगी, क्‍योंकि मामला पुलिस के पास चला गया है। उन्‍होंने तब ये भी कहा था कि पवन सिंह की गलती अगर साबित हुई तो भाजपा उनके खिलाफ जरूर कार्रवाई करेगी।

लेकिन उसी मुद्दे पर कुछ दिनों बाद जब मीडिया ने एक बार फिर उनसे सवाल किया तो उनका अंदाज एकदम बदला नजर आया। जनाब अलग ही ढंग का राग अलापने लगे। सबसे पहले ये सुनिये कि दिनेश लाल निरहुआ ने क्‍या कहा….

अब आप जरा सोचिए। दिनेश लाल कह रहे हैं कि मीडिया को जाकर उस म्‍यूजिक कंपनी के मालिक से पूछ लेना चाहिए, जिस पर ये आरोप लगाया जा रहा है कि उसने अक्षरा के गीत रिलीज नहीं किये। अपने आप दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा। भला बताइये, पवन सिंह के दबाव में आकर जिस म्‍यूजिक कंपनी ने अक्षरा के गीत रिलीज करने से मना कर दिया, वो क्‍या मीडिया के सामने स्‍वीकार करेगी कि हां, पवन सिंह ने उस पर दबाव डाला था।

दिनेश लाल आगे यह कह रहे हैं कि मीडिया को चाहिए कि वो उनसे या आम्रपाली या किसी और से पूछने की बजाय जाकर पवन सिंह से सवाल करें। हकीकत सामने आ जायेगी। दिनेश लाल का यह जवाब अपनी जगह पर बिल्‍कुल सही है, लेकिन शायद उन्‍हें नहीं पता कि पटना एयरपोर्ट पर मीडिया ने कुछ दिन पहले जब पवन सिंह से इस बारे में बयान देने के लिए घेरा था तो वो भाग खड़े हुए थे।

रहा सवाल अक्षरा सिंह का तो उन्‍होंने न केवल पवन सिंह के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज करायी है, बल्‍कि मीडिया में आकर सारी बातें खुलेआम और डंके की चोट पर कही हैं। यू ट्यूब चैनल्‍स से लेकर नेशनल न्‍यूज चैनल्‍स इस बात के गवाह हैं। इसलिए दिनेश लाल को चाहिए कि वो या तो खुलकर सच का साथ दें, वर्ना नो कमेंट्स कहकर आगे बढ़ लें। गोल-गोल घुमावदार राजनैतिक जवाब देने से कोई फायदा नहीं।

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