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फिल्‍म मेकिंग एक जुआ है। किसी भी भाषा की कोई भी फिल्‍म हो, वो हिट भी हो सकती है और फ्लॉप भी। कई बार तो अच्‍छी से अच्‍छी फिल्‍में नहीं चलतीं और एक मामूली-सी फिल्‍म कामयाबी के रिकॉर्ड बना डालती है। यही बात भोजपुरी फिल्‍मों के बारे में भी कभी लागू होती थी, लेकिन अब नहीं। अब तो किसी भी भोजपुरी फिल्‍म के लिए अपनी लागत निकाल पाना नामुमकिन है।

बहरहाल, यहां एक बात ये कहनी है कि कोई भी फिल्‍म, हिट हो या फ्लॉप, उसके बारे में दर्शकों को सच ही बताना चाहिए, क्‍योंकि झूठा प्रचार उस फिल्‍म के लिए ही नुकसानदेह साबित होता है। लेकिन इस बात को ना तो भोजपुरी मेकर्स समझ रहे हैं और ना ही भोजपुरी के तथाकथित पीआरओज।

यहां इस स्‍क्रीन शॉट को देखिए। हो सकता है कि इस न्‍यूज के एक्‍सपोज होने के बाद लिंक डिलीट कर दिया जाये। लेकिन वो डिलीट की जाये, उससे पहले इसकी सरासर झूठी हेडिंग को गौर से देखिए और विचार कीजिए कि आज की तारीख में किसी भी भोजपुरी हीरो का क्‍या इतना क्रेज है, जो बारह घंटे से लोग उसकी किसी फिल्‍म को देखने के लिए लाइन लगायें? कदापि नहीं। बावजूद इसके इस झूठे चैनल ने झूठी हेडिंग देखिए।

अब जरा इसके लिंक को ओपन कीजिए। इसमें खेसारी लाल की ‘कुली नं.1’ की तारीफ में कसीदे पढ़े जा रहे हैं और थियेटर के हाउसफुल होने की भी बात कही जा रही है, साथ ही न जाने किस फिल्‍म की भीड़ की तस्‍वीरें भी दिखायी जा रही हैं, लेकिन एक बार भी ये नहीं बताया जा रहा है कि वो आखिर कौन सा थियेटर है, जो हाउसफुल है और लोग 12 घंटे से लाइन लगा के खड़े हैं। ऐसे ही झूठे चैनलों की झूठी खबरों के कारण भोजपुरी फिल्‍मों के प्रति लोगों की विश्‍वसनीयता घटी है।

सच कहें तो इस न्यूज को देखने के बाद इस फिल्‍म के मेकर को चाहिए कि उस झूठे पीआरओ को बुलाकर डांट पिलाये और पूछे कि उसने इस तरह की बेसिर-पैर की न्‍यूज क्‍यों चलवायी और अपने फेसबुक पर क्‍यों शेयर किया। दुनिया को पता चला है कि आजकल फ्री में यू ट्यूब चैनल बनते हैं और जिसका दिल जो करे, बड़बड़ कर सकता है।

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