खेसारी लाल के समर्थन में खुलकर सामने आये राजकपूर शाही


राजकपूर शाही भोजपुरी के एक नामचीन एक्‍टर हैं। उनका कोई भी किरदार देख लीजिए, उसमें उतर जाते हैं। खास बात ये है कि निगेटिव टच् वाले उनके चेहरे को जब एक खतरनाक लुक दिया जाता है, तो वो और खतरनाक दिखने लगते हैं।

राजकपूर शाही में एक और खास बात है, जो उनके फेसबुक एकाउंट पर आपको नजर आ जायेगी। इंडस्‍ट्री में होनेवाले अत्‍याचारों, साथी कलाकारों की बदहाली, लोगों की चार सौ बीसी, मतलबपरस्‍ती के खिलाफ पोस्‍ट लिखकर अपनी आवाज अक्‍सर बुलंद करते रहते हैं। असल में राजकपूर शाही को जो सच लगता है, उसे कहने में वो जरा भी नहीं हिचकते। मिसाल के तौर पर राजकुमार आर पांडेय और खेसारी लाल यादव विवाद के मामले को ही देख लीजिए। लोग भले ही चुप हैं, लेकिन राजकपूर शाही चुप नहीं रहे। उन्‍होंने अपना पक्ष फेसबुक पर लाइव होकर रखा।

राजकपूर शाही ने कहा कि व्‍यक्‍ति को निजी स्‍वार्थों में आकर किसी के खिलाफ कुछ भी नहीं बोलना चाहिए। उन्‍होंने किसी का नाम लिये बिना कहा कि वो खेसारी लाल द्वारा भोजपुरी में परोसी गयी अश्‍लीलता के विरोध में खड़े हैं, लेकिन आज जब खेसारी कह रहे हैं कि वो अब अच्‍छा सिनेमा ही कर रहे हैं तो उनको समर्थन मिलना चाहिए। खेसारी लाल को गाली देनेवालों को इतना जान लेना चाहिए कि खेसारी अकेले नहीं हैं। उनके साथ भी बहुत लोग खड़े हैं।  

राजकपूर शाही ने वरिष्‍ठ पत्रकार धनंजय सिंह का बार-बार जिक्र करते हुए कहा कि वो भोजपुरी के लिए नि:स्‍वार्थ भाव से काम कर रहे हैं, जो सच है, वो लिख रहे हैं, फिर भी उन्‍हें आप लोग गाली दे रहे हैं और दिलवा रहे हैं। ये कहां की मानवता है, ये कौन-सा चाल-चरित्र है आप लोगों का…खुद तो गाली देते ही हो, दूसरों से भी गाली दिलवाते हो…आये दिन उन्‍हें इनबॉक्‍स गालियां दी जा रही हैं…लेकिन आप लोगों में किसी ने एक बार भी कुछ नहीं बोला।

राजकपूर शाही ने इंडस्‍ट्री के मौजूदा हालात पर दुख जताते हुए आगे कहा कि धनंजय सिंह ने क्‍या गलत किया है….यही कि वो अपनी मातृभाषा भोजपुरी से प्‍यार करते हैं और उसके लिए हमेशा आवाज बुलंद करते हैं….और आप लोग हैं कि उन्‍हें समर्थन देना तो दूर, उल्‍टा गालियां देते हैं। मुझे ये बात बहुत बुरी लगती है। मैं हर उस अच्‍छे इंसान के साथ हूं, जो भोजपुरी भाषा और पूरी भोजपुरी इंडस्‍ट्री के हित के बारे में सोचता है। मेरा तो मानना है कि अगर आप लोग धनंजय सिंह को गाली देते हैं तो वो गाली उनको नहीं लगनेवाली…उल्‍टा वो गाली देनेवालों के पास ही आनेवाली है।

राजकपूर शाही ने तंज कसते हुए कहा कि आप खुद को बड़ा भाई समझते हैं, लेकिन सोशल मीडिया में लिखते वक्‍त अपशब्‍दों का प्रयोग करते हैं, यह बहुत गलत है। सोशल मीडिया में गाली देकर या इनबॉक्‍स गालीगलौज वाले मैसेज भेजकर आप लोगों ने धनंजय सिंह का क्‍या बिगाड़ लिया…कुछ नहीं…और बिगाड़ भी नहीं पाओगे। वो शख्‍स ईमानदारी के साथ भोजपुरी की भलाई के लिए काम कर रहा है। इसके अलावा राजकपूर शाही ने और भी बहुत सारी बातें कहीं, आप खुद सुन लीजिए….

(साभार : फिल्‍मीसमाचार.इन)