क्‍या हश्र हुआ हालिया रिलीज तीनों बड़ी फिल्‍मों का : एक्‍सक्‍लूसिव विश्‍लेषण आंकड़ों के साथ

भोजपुरी फिल्‍में जिस दौर से गुजर रही हैं, वो बेहद निराशाजनक है और इसके लिए जिम्‍मेदार भोजपुरी के लोग ही है। निर्माता से लेकर निर्देशक तक, एक्‍टर्स से लेकर एक्‍ट्रेस तक और वितरक से लेकर सिनेमाघर के मालिक तक, हर कोई इसके लिए जिम्‍मेदार है और आज हर कोई अपना रोना रो रहा है।

भोजपुरी इंडस्‍ट्री की सबसे बड़ी समस्‍या यह है कि यहां सब कुछ पर्दे की आड़ में होता है। चाहे फिल्‍म के निर्माण में खर्च होनेवाला बजट हो, वितरण हो या टिकटों की बिक्री ही क्‍यों नहीं हो। जबकि बॉलीवुड अपनी पारदर्शिता के कारण फलता-फूलता जा रहा है, क्‍योंकि पारदर्शिता के कारण हर व्‍यक्‍ति को हर फिल्‍म के बारे में पता होता है। फिल्‍मों का सही हश्र पता होने के कारण बाकी लोग उससे सबक लेते हैं। लेकिन भोजपुरी इंडस्‍ट्री तो दलालों का अड्डा बनकर रह गयी है। और किसी की ऐसी मंशा भी नजर नहीं आती कि वो भोजपुरी को नयी दिशा और दशा देने की हार्दिक चाहत रखता हो। लोग ये सोचकर चिंतित हो ही नहीं रहे हैं कि इंडस्‍ट्री किस दिशा में जा रही है। आइये हम आपको एक झलक दिखाते हैं-

‘बलम जी लव यू’
सबसे पहले बात हम अगर  खेसारी और काजल राघवानी की ‘बलम जी लव यू’ की करें तो ये फिल्‍म अभी भी कहीं-कहीं दिखायी जा रही है। और अब तक सूत्रों से मिली खबर के अनुसार इसने बिहार में खर्चा काटकर 45 से 50 लाख तक का बिजनेस किया है। दरअसल इसके निर्माता आनंद रुंगटा को अपनी फिल्‍म की क्‍वालिटी पर भरोसा था और उसने शुरू से ही फिल्‍म बेचने में दिलचस्‍पी नहीं दिखायी। हालांकि वितरक इसे 40 से 42 लाख तक देने को तैयार हो गये थे, लेकिन रुंगटा ने अपनी इस फिल्‍म को खुद ही रिलीज किया।

‘लोहा पहलवान’
अब बात करते हैं पवन सिंह की ‘लोहा पहलवान’ की तो इसने तो भोजपुरी के सारे रिकॉर्ड ही ध्‍वस्‍त कर दिये थे। पवन सिंह के गृह जिले आरा के मोहन सिनेमा में ये सोचकर इस फिल्‍म का मॉर्निंग शो रखा गया कि दर्शक बड़ी तादाद में आ सकते हैं। लेकिन समूची भोजपुरी इंडस्‍ट्री सकते में आ गयी जब ये पता चला कि मॉर्निंग शो में कलेक्‍शन मात्र 186 रुपये का हुआ। बाद में भी किसी भी थियेटर के किसी भी शो में आधी सीटें भी नहीं भरीं। दीपू सिंह ने इस फिल्‍म को रिलीज किया था। बात कलेक्‍शन की करें तो खर्च काटकर इसने बमुश्‍किल 12 लाख का कलेक्‍शन किया।

‘दुलहिन चाही पाकिस्‍तान से 2’
अब आते हैं भोजपुरी के पुराने मेकर राजकुमार पांडेय की महा वाहियात फिल्‍म ‘दुलहिन चाही पाकिस्‍तान से 2’ पर। इस फिल्‍म के हीरो उनके बेटे चिंटू थे। बाप-बेटे ने मिलकर दर्शकों को ठगने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन दर्शकों ने उन्‍हें अच्‍छा खासा सबक सिखा दिया। नाम पाकिस्‍तान पर रखा था और अंदर अश्‍लीलता परोसने की हरसंभव कोशिश की थी। यहां तक कि बेटे को गार्गी पंडित के ब्‍लाउज में उंगली डालकर झंकवाने तक की हद तक चले गये। सुना है कि इस फिल्‍म के लिए राजकुमार पांडे पहले 60 लाख मांग रहे थे। कई राउंड उन्‍होंने वितरकों को बुला-बुलाकर अपनी फिल्‍म दिखायी लेकिन वितरक 40 लाख से आगे देने को तैयार नहीं हुए। आखिरकार वो बिहार में खुद ही रिलीज करने के लिए मैदान में कूद पड़े। उनकी अपनी कंपनी साईंदीप तो है ही। उसी के जरिए रिलीज करने के लिए निरहुआ एंटरटेनमेंट की ऑफिस में जा धमके। वहीं बैठकर सारी डीलिंग की। ऑफिस इस्‍तेमाल करने के बदले में क्‍या लेन-देन हुई ये तो वही जानें, लेकिन सूत्रों से पता चला है कि खर्च काटकर इस फिल्‍म ने बमुश्‍किल 17 लाख का धंधा किया होगा। प्रमोशन और रिलीज के दौरान बाप बेटे ने जो पॉकेट से खर्च किया वो अलग से।
सबसे मजेदार बात तो ये है कि जब मुंबई में इन्‍होंने इसे रिलीज किया तो ट्रेड के ही एक वंदे ने बताया कि रिलीज वाले दिन राजकुमार पांडेय किसी की सिफारिश करते हुए भी सुने गये कि वो कुछ टिकट खरीद ले ताकि लोगों को लगे कि मुंबई में ठीकठाक ओपनिंग मिली है।
अभी भी वक्‍त है, इंडस्‍ट्री के लोग अपनी चाल-चलन, सोच, काम करने के तरीके के साथ कंटेंट पर ध्‍यान दें, अश्‍लीलता को अहमियत देना बंद करें, वर्ना सबका डूबना तय है।

 

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