कोरोना के कहर में नवाजुद्दीन की ‘घूमकेतु’ हो रही है ‘जी 5’ पर रिलीज


देश में फैले कोरोना वायरस ने रिलीज के लिए तैयार बॉलीवुड की फिल्‍मों के भविष्‍य पर प्रश्‍नचिह्न लगा दिया है। आलम ये है कि आज ना तो फिल्मों की शूटिंग हो पा रही है और ना ही बनी हुई फिल्में रिलीज हो पा रही हैं। सिनेमा हॉल, मॉल, बाजार जैसी जगहों पर ताला लगा है। नतीजा कई फिल्म मेकर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ही अब फिल्में रिलीज करने का फैसला ले रहे हैं। नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ‘घूमकेतू’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही है। जी हां, खबर है कि इसे 22 मई को ‘जी5’ पर रिलीज किया जा रहा है। ‘घूमकेतु’ में नवाजुद्दीन के साथ अनुराग कश्यप, ईला अरुण, रघुबीर यादव, स्वानंद किरकिरे और रागिनी खन्ना ने काम किया है।

दरअसल ये एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक राइटर की भूमिका निभा रहे हैं। राइटर बने नवाज जहां मुंबई शहर में कामयाबी पाने के लिए स्ट्रगल कर रहा है, वहीं अनुराग कश्यप इस फिल्म में पुलिसवाले बने हैं। ‘घूमकेतु’ का निर्देशन किया है पुष्पेन्द्र नाथ मिश्रा ने और इसका प्रोडक्शन फैंटम फिल्म्स और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के तले हुआ है।

‘घूमकेतु’ में लीड स्टारकास्ट के अलावा अमिताभ बच्चन, रणवीर सिंह, सोनाक्षी सिन्हा, चित्रांगदा सिंह, लॉरेन गोटलिब और फिल्मकार निखिल आडवानी स्पेशल अपीयरेंस में नजर आने वाले हैं।

‘घूमकेतु’ के बारे में बात करते हुए नवाजुद्दीन ने कहा था- ‘घूमकेतु एक मजेदार और पहले कभी ना देखा गया किरदार है। मुझे उसे निभाने में बहुत मजा आया। अनुराग तो ज्यादातर कैमरा के पीछे रहते हैं, लेकिन इस बार वो मेरे साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। बतौर एक्टर उनके साथ काम करना एक जबरदस्त एक्सपीरियंस रहा।

अनुराग कश्यप ने कहा, ‘हर फिल्म आपके प्यार से की गई मेहनत का परिणाम होती है। मैंने ‘घूमकेतु’ के डायरेक्टर में एक अलग तरह का जज्बा देखा और उसी के चलते कुछ ऐसा करने का फैसला किया जो मुझे ज्यादा नहीं पसंद है। मैं एक्टिंग की बात कर रहा हूं. ये फिल्म बहुत फनी और दिल खुश करने वाली है।”

‘घूमकेतु’ के डायरेक्टर ने बताया, ‘हम जहां भी जाएं, अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं। ‘घूमकेतु’, शीर्षक से ही साफ है कि एक शुरुआती कहानी है। इस फिल्म का मुख्य किरदार एक राइटर है, जो अपने परिवार के सदस्यों की बेवकूफियों से ही चीजें सीखता है। ये मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट था, जिसमें बढ़िया एक्टर्स ने काम किया है। हर लेखक के लिए उसकी सीख और ध्यान देने की शुरुआत घर से होती है। कुल मिलाकर ये फिल्म हमारे परिवार के सदस्यों को सेलिब्रेट करती है, जिन्हें हम जहां भी जाएं, अपने दिल में बसाकर चलते हैं।”