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कहानी भोजपुरी गायक हलचल अजित की एक पीआरओ के साथ ठगबाजी की

भोजपुरी गायकों के नाम भी अद्भुत और काम भी अद्भुत होते हैं। रंगीला, छबीला, हरामी, गोलू, लल्‍लू, कल्‍लू और अब हलचल। जी हां, बात हलचल अजित की कर रहे हैं। उसने राष्‍ट्रभक्‍ति की बहती हवा में हाथ धोते हुए हाल ही में एक गीत गाया था भगवा के घर घर लहराने की थीम पर। लेकिन उस गाने के साथ यू ट्यूब लिंक पर जो शीर्षक दिया गया था, वो उसकी घटिया मानिसकता का परिचायक था।

मजे की बात ये कि जिस मानसिकता के साथ वो शीर्षक लगाया गया था, उसी मानसिकता वाले ने हलचल अजित की जमकर खबर ली।

ये वही हलचल अजित हैं, जो पहले अजित हलचल के नाम से गाते थे। लेकिन अब नाम उल्टा कर दिये हैं, शायद किसी बाबा ने बताया होगा कि नाम उल्‍टा करने से उनका भोजपुरी में डंका बजने लगेगा। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। आप चाहें तो यू ट्यूब पर इनका फूहड़पन देख सकते हैं।

बात कुछ दिन पहले की है। जब इन्‍हें लगा कि इनकी दुकान ठीक नहीं चल रही है तो इन्‍होंने भोजपुरी इंडस्‍ट्री के एक पुराने पीआरओ को कॉल किया और कहा कि वो उसका प्रमोशन करें। पीआरओ तैयार हो गये और अगले दिन आदर्श नगर मिलने की बात पक्‍की हुई। लेकिन इस हलचल का अगले दिन दूर-दूर तक कहीं अता पता नहीं था, जबकि पीआरओ निश्‍चित समय पर पहुंच गये थे। बाद में जब फोन किया तो बहानेबाजी कर गया। पीआरओ ने थोड़ा बहुत इसके लिए काम भी किया, लेकिन इसने आज तक उन्‍हें एक पैसा नहीं दिया। वो जब भी फोन करते हैं तो ये नया बहाना ढूंढ़ लेता है। एक बार तो इसने उनसे एकाउंट नंबर भी मांगकर लिया, बावजूद इसके फूटी कौड़ी तक नहीं दी इसने।

अब जिस भोजपुरी इंडस्‍ट्री में हर मोड़ पर इसी तरह के लोग खड़े हैं तो इंडस्‍ट्री का कहां भला होनेवाला है। बस बातें बड़ी-बड़ी और स्‍टेज पर गाना है बाजारू औरतों के साथ। अरे कुछ तो शर्म करो।

 

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