कल्‍लू और रितेश की फिल्‍मों के खरीदार हैं: दलाल फैला रहे झूठमूठ की अफवाह


जबसे भोजपुरी के तथाकथित टॉवरों की फिल्‍में बुरी तरह पिटी हैं, तबसे इंडस्‍ट्री के दलाल एक नयी तरह की हवा फैलाने में लगे हुए हैं। और वो ये कि आज की तारीख में केवल अरविंद अकेला कल्‍लू, रितेश पांडेय और प्रमोद प्रेमी जैसों को लेकर यदि कम बजट की फिल्‍में बनायी जाती हैं तो फायदा हो सकता है। जबकि सच्‍चाई इससे एकदम ही अलग है।

सूत्रों की मानें तो इन तथाकथित अश्‍लील गायकों एवं नायकों की फिल्‍मों को भी खरीदने के लिए एक भी वितरक तैयार नहीं है। ऐसे में बस एक ही रास्‍ता बचता है और वो ये कि जिस किसी निर्माता को अपनी फिल्‍म रिलीज करनी है, वो जाये वितरकों के पास, उनकी जीहुजूरी करे, उनके ऑफिस में बैठकर रिलीज करे, और पब्लिसिटी से लेकर रिलीज तक का सारा खर्च उठाये।

अब अरविंद अकेला कल्‍लू की फिल्‍म ‘दिलवर’ को देख लीजिए। सुनने में आ रहा है कि कल्‍लू की आम फिल्‍मों का जो बजट होता है, उससे लगभग तीन गुना पैसा इसमें खर्च हुआ है। फिल्‍म का टीजर और ट्रेलर सबकुछ रिलीज हो चुका है, लेकिन किसी वितरक को उसमें कोई रुचि नहीं है।

इस फिल्‍म के संबंध में पूछताछ करने पर पटना का ही एक नामी वितरक कहता है, ‘कौन पूछता है कल्‍लू, चिंटू-पिंटू की फिल्‍मों को। दर्शक इन सबकी गंदगी से घिन्‍ना चुके हैं। हर साल चार-छह गंदे गीतों वाला एलबम रिलीज कर ये सभी अपनी उसी गंदी इमेज को ओढ़े रहते हैं। कोई भी सभ्‍य समाज क्‍यों जायेगा इनकी फिल्‍में देखने। जो सी डी ग्रेड के दर्शक इन सबकी फिल्‍में देखने जाते थे, वो अपने फोन में ही सबकुछ देख लेते हैं।

यह पूछने पर कि क्‍या कल्‍लू और रितेश जैसों को लेकर फिल्‍म बनाना फायदे का सौदा साबित हो सकता है, जवाब में वो वितरक हमसे ही सवाल कर बैठता है कि किसने ये अफवाह फैला दी कि फायदे का सौदा साबित होगा? आज की तारीख में किसी को भी लेकर फिल्‍म बना लीजिए, मिलेगा कुछ नहीं। हम वितरक तो अब किसी की फिल्‍म को एक पैसा भी एमजी नहीं देनेवाले। फिल्‍म चल गयी तो ये उसकी किस्‍मत….फिलहाल इस तरह के आसार दूर-दूर तक नहीं दिख रहे हैं। इसी कल्‍लू को लेकर रितेश ठाकुर ने ‘राधे’ बनायी है। फिल्‍म की शूटिंग पूरी हुए एक साल हो गया, लेकिन फिल्‍म अब तक रिलीज नहीं हुई है। इससे ज्‍यादा और मैं क्‍या कहूं?

भोजपुरी फिल्‍मों के एक पुराने वितरक कहते हैं कि यहां ऐसे तमाम दलाल हैं, जिनका घर दलाली पर चलता है। चूंकि सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ पत्रकारों की वजह से भोजपुरी के बड़े सितारों की झूठ का पोल खुल चुका है, इसलिए दलालों ने नया शिगूफा छोड़ा है, ताकि नये निर्माताओं को जाल में फांसा जा सके। इसके लिए वो ये जोरशोर से प्रचारित कर रहे कि कल्‍लू, रितेश, चिंटू, अवधेश, समर सिंह जैसों को लेकर फिल्‍म बनायी जाये तो निश्‍चित रूप से कमाई हो सकती है। अत: ये बहुत जरूरी है कि इसकी असलियत को लोगों के सामने लाया जाये। कल्‍लू की हाल ही में एक फिल्‍म रिलीज हुई थी ‘जवानी क रेल कहीं छूट न जाये’। ये किस दिन रिलीज हुई और कब उतर गयी, किसी को पता ही नहीं चला।