एक सप्‍ताह के अंदर ही ‘शेर…’ हुआ ढेर, फाइटर हो गया क्रेक : दर्जनों सिनेमाघरों ने उतार दिया


पिछले शुक्रवार को दो फिल्‍में रिलीज हुई थीं-‘शेर-ए-हिंदुस्‍तान’ और ‘क्रेक फाइटर’। दोनों दो तथाकथित बड़े टॉवरों की थीं। बजट भी बड़ा ही लगा था, सो दोनों के मेकर्स ने खूब लंबी-लंबी हांकी। सोशल मीडिया में किसी ने धड़ाधड़ दर्शकों की भीड़ के वीडियो पोस्‍ट किये और करवाये तो किसी ने सजे-धजे थियेटरों की तस्‍वीरें पोस्‍ट की, ये दिखाने के लिए होली पर लोग उनकी फिल्‍मों को देखने के लिए टूट पड़े है।

लेकिन होली के तीसरे दिन से ही न तो किसी का वीडियो आ रहा है और न ही कोई किसी थियेटर की तस्‍वीर ही पोस्‍ट कर रहा है। दरअसल बॉक्‍स ऑफिस पर दोनों ही फिल्‍में इस तरह मुंह के बल गिरी हैं, किसी की आवाज ही नहीं निकल रही है।

दरअसल, होली की खुमारी और परदेश से छुट्टियां बिताने गये कुछ लोगों ने एक-दो दिन थियेटरों का रुख क्‍या कर लिया कि दोनों टॉवरों के चमचे वाह-वाह करने लग गये। टॉवरों के दलालों ने अपने भइया लोगों की कीमत बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया में सुपर हिट और ब्‍लॉकबस्‍टर कहकर खूब प्रचार किया। लेकिन अब सभी के सभी भजन गा रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो पवन सिंह की जिस ‘क्रेक फाइटर’ को चमचे इतना तूल दे रहे थे, वो कई बड़े-बड़े थियेटरों से उतर चुकी है। मसलन शेखर सिनेमा, सिवान, अंबिका सिनेमा, घोड़ासहान, नरेंद्र सिनेमा, औरंगाबाद, लक्ष्‍मी सिनेमा, समस्‍तीपुर, जवाहर सिनेमा, नाथनगर आदि। इसके अलावा तकरीबन दर्जन भर छोटे सेंटरों से भी इसके उतरने की खबर मिल रही है।

इसी तरह दिनेश लाल निरहुआ की ‘शेर-ए-हिंदुस्‍तान’ भी चित्रवाणी सिनेमा, बेगू सराय, उमा सिनेमा, दरभंगा, बीना सिनेमा पटना आदि के अलावा 12-15 छोटे सिनेमाघरों से भी बाइज्‍जत उतर चुकी है।

ट्रेड के जानकारों का कहना है कि होली का त्‍योहार होने के बावजूद सारा खर्च काटकर पवन सिंह की फिल्‍म का कलेक्‍शन 20 लाख से ऊपर नहीं होगा, जबकि निरहुआ की फिल्‍म तो अधिक से अधिक 17 लाख तक ही पहुंच पायेगी।

अब यहां एक सवाल वितरकों से- आखिर इन निचुड़े और फिल्‍मों से भागकर राजनीति में घुसने के लिए अकुलाये टॉवरों की फिल्‍मों को लगाकर आप सभी कब तक भोजपुरी सिनेमा के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे? आखिर नयी फिल्‍मों से इतनी बेरुखी क्‍यों? सैकड़ों निर्माता आप लोगों की इसी बेरुखी से बेघर हो चुके हैं और आप लोग खुद भी लुट चुके हो, फिर भी दांव नये कलाकारों पर क्‍यों नहीं आजमाते? अभी भी वक्‍त है, आनेवाले समय की नब्‍ज को पहचानिए, वो भोजपुरी सिनेमा के साथ-साथ आप सभी के भविष्‍य के लिए बेहतर होगा।

-एस.एस.मीडिया डेस्‍क