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मैं बार बार कह रहा हूं कि भोजपुरी फिल्मों की स्थिति एकदम धराशायी हो गयी है। कोई भी प्रोड्यूसर आज कमाई नहीं कर रहा है। दिनेशलाल यादव निरहुआ और आम्रपाली दुबे की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘निरहुआ चलल लंदन’ बनाकर किस तरह इस फिल्म के निर्माता सोनू खत्री टूट चुके हैं, बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं। जाहिर है कि उनका ये हाल जानकर आप एक बार यह सोचने के लिये मजबूर हो जायेंगे कि ये क्‍या हो रहा है।

दरअसल, सुपरस्टारों को लेकर बनायी जानेवाली किसी भी भोजपुरी फिल्म का बजट अगर एक करोड़ से ऊपर जा रहा है तो इतना निश्चित समझिए कि उस प्रोड्यूसर का पैसा टूटेगा। मैं ये बात बार बार कह रहा हूं और आगे भी कहता रहूंगा। मिसाल के तौर पर ‘निरहुआ चलल लंदन’ के प्रोड्यूसर सोनू खत्री को देख लीजिए। उनको तो जिस तरीके से लूटा गया, उसकी बानगी देखकर आप चौक जायेंगे। 

‘निरहुआ चलल लंदन’ के बारे में सोनू खत्री दावा करते हैं कि उनकी इस फिल्म की लागत चार करोड़ तक पहुंच गयी है। इस फिल्म की शूटिंग में उनको बकरा समझ कर किस तरह से काटा गया, इस पर भी एक नजर डाल लीजिये। ‘निरहुआ चलल लंदन’ की शूटिंग लंदन में 12 दिन, नेपाल में 30 दिन और मुंबई में 4 दिन यानि कुल 46 दिन चली।


इस फिल्म को पूरा करने के लिये सोनू खत्री ने वर्ल्ड वाईड के रत्नाकर जी से 54 लाख रुपये लिये और अनिल काबरा जी ने भी उनकी फिल्म को पूरा कराने के लिये 62 लाख रुपये दिये। यह फिल्म बिहार में कितने में बिकेगी, इसका सब्ज बाग दिखाते हुये सोनू खत्री से कहा गया कि दिनेशलाल यादव निरहुआ की फिल्म अमूमन बिहार में 90 लाख से एक करोड़ में बिकती है, लेकिन यह फिल्म लंदन में शूट हुयी है, इसलिये इसे उससे भी ज्यादा प्राईज मिलेगी।

लंदन शूटिंग के दौरान तो पैसों की बर्बादी नहीं, बल्‍कि पैसों में आग लगा दिया गया। आग इसलिए कि यहां लंदन एयरपोर्ट पर शूटिंग की गयी, जबकि 6 घंटे का चार्ज होता था 4 लाख 42 हजार रुपये। फिल्म को लैविश बनाने के चक्कर में एयरपोर्ट पर दो दिन की शूटिंग की जाती रही। जैसे भोजपुरी की जगह कोई हिंदी फिल्म बनायी जा रही हो। शूटिंग के लिये दो महंगी गाड़ियां बुलायी गयी थीं, जिनमें से एक का किराया 2 लाख 75 हजार रुपये प्रति घंटे था। इस गाड़ी का इस्तेमाल चार घंटे किया गया। इसी तरह दूसरी गाड़ी का किराया 1 लाख 80 हजार रुपये था और उसका इस्‍तेमाल तीन घंटे किया गया। खुद ‘निरहुआ चलल लंदन’ के प्रोड्युसर सोनू खत्री कहते हैं, ‘‘मेरा लंदन में शूटिंग का बजट 42 लाख का था जो बढ़कर 82 लाख हो गया। जबकि नेपाल की शूटिंग पर एक करोड़ 22 लाख रुपये खर्च हुये। 

इसी तरह मुंबई और दिल्ली-यूपी को भी लेकर सब्ज बाग दिखाया गया, जबकि असलियत कुछ और निकली। इस फिल्म को बिहार में जब 42 लाख से ज्यादा देने को कोई तैयार नहीं हुआ तो खुद सोनू खत्री ने रत्नाकर जी की मदद से इस फिल्म को बिहार में रिलीज करने का फैसला किया। इसका आडियो विडियो 32 लाख रुपये में बिका। दिल्ली यूपी 17 लाख प्लस तीन लाख में गया। मुंबई में इस फिल्म को शरद भाई ने 25 लाख एमजी प्लस 5 लाख एडवांय पर रिलीज किया।

फिल्म जब रिलीज हुयी तो सोनू खत्री को पूरा भरोसा था कि हर जगह हाऊसफुल जायेगी। मगर ऐसा हो न सका और पहले दिन भी यह फिल्म अधिकांश जगहों पर हाउसफुल नहीं हो पायी। फिलहाल मैं हमेशा प्रोड्यूसरों के साथ खड़ा रहा हूं और आगे भी रहूंगा। इस फिल्म को बनाने में किसने क्या गलती की, यह सोचने का विषय है।

-शशिकांत सिंह की टाइमलाइन से  


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