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‘कोहबर’ का टीजर कमाल का बना है। दरअसल, ‘कोहबर’ महज फिल्‍म नहीं, एक ख्‍वाब है, किसी एक का नहीं, बल्‍कि करोड़ों सच्‍चे भोजपुरी प्रेमियों का ख्‍वाब है…वो ‘कोहबर’ जो लघु फिल्‍म के रूप में सामने आयी थी। महज 14 मिनट की। लेकिन उतने में ही उसने न जाने क्‍या जादू किया कि सोशल मीडिया में छा गयी थी।

अचानक सोशल मीडिया में खूब चर्चा होने लगी थी इसकी। दरअसल, लेखक-निर्देशक उज्‍जवल पांडेय ने इसमें राजू उपाध्‍याय और मनीषा राय की जोड़ी को जिस मासूमियत और सहजता के साथ पेश किया था, वो हर दर्शक के दिल को छू गया था। करिश्‍मा ये कि भोजपुरी परिवेश और परंपराओं को प्रतिबिंबित करती इस फिल्‍म और इसके फिल्‍मकार को भोजपुरी के डूबते भविष्‍य के दौर में एक आशा की किरण के रूप में देखा जाने लगा और फिर तय ये हुआ कि इसे बड़े पर्दे पर लाया जायेगा।

बहरहाल काफी जद्दोजहद के बाद एक योजना बनी और लोगों के सहयोग से उज्‍जवल पांडेय की टीम ने इसे शुरू किया। लेकिन नियति ने एक क्रूर खेल खेला और अचानक बसने की कोशिश में जुटी ‘कोहबर’ एकाएक बिखर गयी।

लेकिन कहते हैं न कि जिसके हौंसले बुलंद होते हैं, वो हर मुश्‍किल को आसान बना देता है। हालांकि वक्‍त लगा, लेकिन उज्‍जवल पांडेय ने हिम्‍मत दिखायी और एक बार फिर बिखरे हुए तिनकों को संजोकर ‘कोहबर’ के टीजर के रूप में नव वर्ष की नयी किरण के साथ हम सभी भोजपुरियों के समक्ष प्रस्‍तुत कर दिया है। जी हां, आज ‘कोहबर’ का टीजर रिलीज कर दिया गया है।

हालांकि मनीषा राय द्वारा प्रस्‍तुत इस फिल्‍म का टीजर है तो केवल पौने दो मिनट का ही, लेकिन चंद क्षणों में ही वह भावुक करने की बखूबी योग्‍यता रखता है।

यकीनन न जाने क्‍या बात थी उस मनीषा की आंखों में, जो पर्दे पर खामोश निगाहों से बहुत कुछ कह जाती है। सच कह रहा हूं, आते ही आंखें नम कर गयी वो लड़की।

बहरहाल नये साल की नयी सुबह पर ढेर सारी शुभकामनाएं हैं ‘कोहबर’ की पूरी टीम को….इस उम्‍मीद के साथ कि ये फिल्‍म जल्‍दी ही पूरी होकर पर्दे पर आये और इसके जरिए तमाम लोगों का वह सपना पूरा हो, जिसे पिछले एक साल से लोग देख रहे हैं।

 

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