इसी पोस्‍टर के जरिए ‘दिवानापन’ के सह-निर्माता अमित श्रीवास्‍तव ने की संजय राजभर के साथ धोखाधड़ी

भोजपुरी इंडस्‍ट्री की सबसे बड़ी समस्‍या ये है कि यहां चार सौ बीसों का राज है और अच्‍छे लोग दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। इससे भी बड़ी समस्‍या यह है कि यहां लोग इन चार सौ बीसों से लुट जाने के बाद भी चुप रह जा रहे हैं। अगर कोई इनकी पोल पट्टी खोलना चाहता भी है तो इंडस्‍ट्री के ही कुछ लोग उसे ऐसा करने से मना कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि वह चार सौ बीस आज किसी और को तो कल किसी और को लूटता रहता है।

newsgossip.in  ने चार सौ बीसी करने वालों की पोल पट्टी खोलने का बीड़ा उठाया हुआ है और इस काम को अंजाम भी दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से हम लगातार एक ऐसे शख्‍स का जिक्र कर रहे हैं, जिसने तमाम लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। अफसोस की बात तो यह है कि उसके शिकार हुए लोगों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है और वो अपनी बातें हम तक पहुंचा रहे हैं, वो भी सबूत के साथ।

दो दिन पहले इस बात का हमने जिक्र किया था कि खेसारी लाल अभिनीत ‘दिवानापन’ के सह-निर्माता अमित श्रीवास्तव ने किस तरह संजय राजभर के साथ धोखाधड़ी की है।जो लोग उस खबर से नावाकिफ हैं, उन्‍हें हम बता दें कि अमित श्रीवास्‍तव ने इंडस्‍ट्री से ही लंबे अर्से से जुड़े संजय राजभर से ये कहकर 5 लाख रुपये ले लिये थे कि वो ‘दिवानापन’ में संजय राजभर को काम देने के साथ ही सह-निर्माता के तौर पर उनका पोस्‍टर-प्रचार आदि हर जगह नाम भी देगा। लेकिन पैसे मिल जाने के बाद उसने ऐसा कुछ नहीं किया। उल्‍टा उसने ऑफिसियल पोस्‍टर पर सह-निर्माता के तौर पर अपना नाम दे दिया।

अमित श्रीवास्तव ने ऐसे लगाया संजय राजभर को 5 लाख का चूना

इतना ही नहीं, संजय राजभर को उसने फोटोशॉप के जरिए एक दूसरा पोस्‍टर बनवाकर भेज दिया, जिस पर संजय राजभर का नाम बतौर सह-निर्माता दर्ज है। हैरत तो ये है कि ‘दिवानापन’ के असली निर्माता संजय गुप्‍ता हैं, जबकि संजय राजभर को उसने जो पोस्‍टर भेजा था, उसमें उसने मुख्‍य निर्माता के तौर पर खुद का नाम डाल दिया था। अब आप ही सोचिए कि अमित श्रीवास्‍तव ने अपना ऊल्‍लू सीधा करने के लिए किस तरह और किस हद तक नीचे उतरकर लोगों को ठगा है। अगली कड़ी में इसी अमित श्रीवास्‍तव के एक और काले कारनामे से हम वाकिफ करायेंगे, वो भी सबूत के साथ।

 

One thought on “इसी पोस्‍टर के जरिए ‘दिवानापन’ के सह-निर्माता अमित श्रीवास्‍तव ने की संजय राजभर के साथ धोखाधड़ी”

  1. जहाँ तक मुझे मालूम है जब किसी व्यक्ति को फिल्मोनिया का इंजेक्शन लग जाता है तब ओ पैंट खोल कर दीवाना रहता है आओ मार लो। सभी शर्ते मानने के लिए तैयार रहता है। लेकिन जब वास्तविकता से वास्ता होता है तो पैर तले ज़मीन खिसक जाती है। उस वक्त सभी नियम और कानून धकेलना शुरू कर देता है। एडमिन महोदय पत्रकारिता धर्म का घोर उलंघन किया है। आप एकपछिय खबर बनाया है । इसमें आप की भूमिका संदिग्ध है। अमित श्रीवास्तव का पछ भी रखते तो समझ मे आता आप पत्रकारिता में ईमानदार है। best of luck.

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