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आखिर खुल ही गया भोजपुरी हीरोइन के अपहरण का राज

भोजपुरी की एक-दो छोटी-मोटी फिल्‍मों में काम करनेवाली हीरोइन और ‘बिग मेम साहब 2018’ की विजेता नीलम सिंह के अपहरण के राज से अब पर्दा हट चुका है। नीलम सिंह ने अगमकुआं थाने के प्रभारी को फोन पर बताया कि वो अपने बच्‍चों को लेकर मुंबई आ चुकी हैं और सुरक्षित हैं।

उन्‍होंने ये भी बताया कि उनका अपहरण नहीं किया गया था, बल्‍कि वो अपनी मर्जी से मुंबई आई हुई हैं। नीलम ने बताया कि घरेलू कलह के कारण उनके घर का माहौल बहुत खराब हो चुका था, इसलिए वो अपने बच्‍चों के सुरक्षित भविष्‍य के लिए मुंबई चली आयीं। नीलम ने ये भी बताया कि उन्‍हें इस बात का डर था कि उनके बच्‍चों के साथ कभी भी किसी तरह की अनहोनी हो सकती है।

दरअसल नीलम सिंह के पति बाला जी ने थाने में नीलम के अपहरण का केस दर्ज कराया था और कहा था कि वरूण पांडेय नामक व्‍यक्‍ति की उनकी पत्‍नी के प्रति नीयत सही नहीं थी, इसलिए उसने अपहरण कर लिया है। लेकिन अब जब नीलम सिंह खुद सामने आ गयी हैं तो सारा मामला साफ हो चुका है।

नीलम गया शहर के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के जैतिया गांव की रहनेवाली हैं। मीडिया में आयी खबरों के अनुसार नीलम के माता-पिता बिंदू सिंह और उमेश सिंह अपनी बेटी को पढ़ा-लिखाकर उच्‍च अधिकारी बनाना चाहते थे, जबकि नीलम सिंह की पढ़ाई लिखाई से ज्‍यादा रुचि ख्‍वाबों की दुनिया में थी। वो बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर गीता मां और माधुरी दीक्षित से ज्‍यादा प्रभावित थीं, इसलिए वो डांस के क्षेत्र में नाम कमाना चाहती थीं।

नीलम की बालाजी से शादी 2007 में हुई, जो कि बिजनेसमैन हैं। बिहार के आम परिवारों के विपरीत नीलम के परिवार के लोगों ने नीलम की चाहतों पर कोई बंदिश न लगाकर, उल्‍टा उनका सहयोग ही किया। इस बीच नीलम मां भी बन गयीं। एक दिन उन्‍हें अपनी बेटी समीक्षा के स्‍कूल में हुए डांसिंग कम्‍पिटीशन में हिस्‍सा लेने का मौका क्‍या मिला कि उनके सोये अरमान फिर से जाग उठे। फिर तो उन्‍होंने ठान लिया कि एक न एक दिन वो नृत्‍य की दुनिया में अपना नाम रोशन करके ही रहेंगी।

2013 में ‘जी पुरवइया’ के डांसिंग कम्‍पिटीशन ‘गजब है’ में नीलम ने हिस्‍सा लिया, लेकिन वो विजेता नहीं बन पायीं, हां उन्‍हें लोगों की तारीफ जरूर मिली। उन्‍होंने अपने डांस को निखारने के लिए कोरियोग्राफर राकेश राज से डांस सिखना शुरू कर दिया। फिर उन्‍होंने ‘सुपर मॉम’ में हिस्‍सा लिया। यहां भी वो विजेता तो नहीं बन पायीं, लेकिन पांचवें राउंड तक पहुंचने में जरूर कामयाब हो गयीं। फिर ‘मेम साब’ और ‘भौजी नं.1’ में भी शिरकत की, लेकिन यहां भी कामयाबी नहीं मिल पायी।

आखिरकार थक-हारकर उन्‍होंने पटना के एक्‍जीहिबिशन रोड पर अपनी छोटी बेटी सना के नाम पर ‘सना बॉर्न 2’ नाम से डांसिंग एकेडमी शुरू कर दी। उनकी एकेडमी में सौ से अधिक महिलायें और लड़कियां डांस सिख रही थीं। लेकिन इस बीच अचानक उनके साथ ना जाने क्‍या घटा कि वो पटना से बिना किसी को बताये मुंबई पहुंच गयीं और मामला पुलिस तक पहुंच गया।

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