अश्‍लीलता विरोधी मुहिम अब ला रही है रंग : सपना चौधरी को मुंबई में गाने की नहीं मिली इजाजत

भोजपुरी में फैली बेशुमार अश्‍लीलता की दुर्गंध अब उच्‍च पदस्‍थ लोगों को भी सताने लगी है। इसलिए अब इस पर जगह जगह पर विरोध जताया जा रहा है। जगह-जगह पर इसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। मिसाल के तौर पर हरियाणा की मशहूर सिंगर सपना चौधरी को देख लीजिए। सपना चौधरी और कुछ दूसरे अश्लील भोजपुरी गायकों के 8 नवंबर को मलाड रामलीला मैदान में होनेवाले कार्यक्रम को पुलिस और मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन की इज़ाज़त नहीं दी।

पी नार्थ वार्ड के माननीय वार्ड अधिकारी श्री संजोग कबरे ने पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान को सूचित किया है कि मनपा 8 नवंबर को मलाड रामलीला मैदान, मुंबई में किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए कोई इज़ाज़त नहीं दे रही है। सम्बंधित विभागों को इस बारे में जरूरी आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस ने भी इस बारे में स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी कार्यक्रम के लिए लाउडस्पीकर और डीजे बजाने की कोई इज़ाज़त नहीं दी गयी है, और न दी जाएगी। इस तरह बिरहा और सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर प्रशासनिक इज़ाज़त लेकर वहां सपना चौधरी और दूसरे कुछ अश्लील भोजपुरी गायकों के नाच-गाने के अश्लील कार्यक्रम करने की योजना पर पानी फिर गया है, और अब कार्यक्रम रद्द हो गया है। इसके लिए पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान ने माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, महिला और बाल विकास मंत्री सुश्री पंकजा मुंडे, पुलिस आयुक्त श्री सुबोध जायसवाल, मनपा आयुक्त श्री अजय मेहता , संयुक्त पुलिस आयुक्त श्री देवेन भारती , पी नार्थ के वार्ड अधिकारी श्री संजोग कबरे और दिंडोशी के पुलिस इंस्पेक्टर श्री विलास भोसले के प्रति समस्त हिंदीभाषी समाज की और से मन पूर्वक आभार व्यक्त किया है कि उन्होंने स्त्रियों की अस्मिता और बच्चों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर गहरी संवेदनशीलता जताई ,और समुचित हस्तक्षेप किया।

ज्ञात हो कि इस बारे में पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान की पहल पर उत्तर भारतीय संघ के पूर्व अध्यक्ष व् प्रताप कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री मिठाई लाल सिंह के नेतृत्व में ३१ अक्टूबर २०१८ को हिंदीभाषी समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई के पुलिस आयुक्त श्री सुबोध जायसवाल से मुलाकात करके इस बात की मांग की थी कि यह कार्यक्रम और कुछ नहीं , बल्कि खुले मैदान में डांस बार का नाच है. इसे करने की इज़ाज़त न दी जाए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री श्री चंद्रकांत त्रिपाठी, श्री कृपाशंकर सिंह, भाजपा उपाध्यक्ष श्री आर यू सिंह, भाजपा महासचिव श्री अमरजीत मिश्रा,एनसीपी नेता श्री श्रीकांत मिश्रा, जाने-माने उद्योगपति श्री राम उजागिर यादव, अधिवक्ता श्री आर पी पांडे, श्री कृपाशंकर पांडे, श्री आनंद दुबे, श्री राम आसरे सिंह, श्री शर्वेश सिंह, श्री राजन यादव और पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान के सचिव श्री ओम प्रकाश शामिल थे।

ज्ञापन में कहा गया था कि हम सब जानते और मानते हैं कि अश्लीलता औरतों की अस्मिता पर हमला है। यह उनके खिलाफ अत्याचार (एट्रोसिटी) है। उसके फैलाव से औरतों पर यौनिक हमले बढ़ते हैं। अश्लीलता समाज में औरत की स्थिति को कमजोर करती है। उससे बच्चों, किशोरों और युवाओं की यौनिक समझ पर भी बुरा असर पड़ता है। उनका भविष्य बिगड़ता है। भाषा, साहित्य, संस्कृति, रहन-सहन, कला आदि सभी अश्लीलता की मार झेलते हैं। बावजूद इसके , कुछ न्यस्त स्वार्थ अपने व्यावसायिक हितों के लिए अश्लीलता फैलाते हैं । अश्लीलता कमजोर वर्गों के शोषण का भी एक जरिया और जहर है। मलाड के इस प्रस्तावित कार्यक्रम के सिलसिले में भी आप देख सकते हैं कि कार्यक्रम करानेवाले लोग पूर्वांचल के हैं। और सपना चौधरी के जरिये वे जिस दर्शक वर्ग को निशाना बना रहे हैं , वे भी पूर्वांचल के हिंदीभाषी समाज के ही कमज़ोर लोग हैं।

ज्ञात हो कि पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान इस शोषण, इस हमले, इस अत्याचार के विरोध में पूरे पूर्वांचल में सघन अभियान चला रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखण्ड की सरकारों से भी इस बाबत विभिन्न स्तरों पर बात चल रही है। पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र, पद्मश्री सुश्री शोमा घोष, कथाकार डॉ काशीनाथ सिंह, क्रींकुण्ड पीठाधीश्वर श्री गौतम राम , कबीर मठ के महंत स्वामी विवेक दास , ज्योतिषाचार्य श्री चंद्रमौलि उपाध्याय , उत्तर प्रदेश की काबीना मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी , संगीतकार श्री साजन मिश्र , संकटमोचन के महंत श्री विश्वम्भरनाथ मिश्र, पत्रकार श्री उमेश त्रिवेदी , डॉ. त्रिविजय सिंह, श्री हेमंत तिवारी, ज्योतिषाचार्य श्री चंद्रमौलि उपाध्याय, मीडिया प्रबंधक श्री अखंड प्रताप सिंह, लेखक श्री दयानन्द पांडे, समाज सुधारक स्वामी सारंग, पूर्वांचल के दो बहुत जाने-माने डॉक्टर डॉ, इंदु सिंह और डॉ. शिप्रा धर, प्रशासनिक अधिकारी श्री रंजन द्विवेदी, जाने-माने उद्योगपति श्री केशव जालान, काशी विद्यापीठ के मालवीय पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. ओम प्रकाश सिंह, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री सुनील श्रीवास्तव, रांची विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर डॉ. जय राम तिवारी, माइक्रो फाइनेंस एक्सपर्ट डॉ. जी. पी. सिंह, लैंगिक संवेदीकरण विशेषज्ञ सुश्री कुमुद सिंह , टी डी कॉलेज के प्रबंधक श्री अशोक सिंह, अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अधिवक्ता श्री जेड के फैज़ान, मुंबई मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष श्री सुशील व्यास, हम -आप फाउंडेशन के चेयरमैन अधिवक्ता सय्यद जलालुद्दीन, लखनऊ के शिक्षक विधायक श्री उमेश द्विवेदी जैसे प्रतिष्ठित लोगों की अगुवाई में २५ ००० से अधिक जाने-माने लेखकों, पत्रकारों, कलाकारों , राजनीतिक-सामाजिक व्यक्तित्वों ने इस अभियान से अपने को जोड़ा है। और यह संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है।

अश्लीलता के सन्दर्भ में स्मरणार्थ हम यह बात भी सामने रखना चाहेंगे कि मुंबई और महाराष्ट्र वह शहर और राज्य है, जिसने महिलाओं की अस्मिता की रक्षा और डांस बारों के नाच-गानों में फ़ैली अश्लीलता को रोकने के लिए अश्लीलतारोधी कानून बना कर सारे देश के सामने सदिच्छा और संकल्प का एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है, और जिसे आधार बना कर देश में कई जगहों पर अश्लीलतारोधी कानून बनाने की मांग चल रही है। निवेदन है क़ि इस अगुवाई, इस उद्देश्यबद्धता, इस सिद्धि को मुंबई और महाराष्ट्र की ध्वज पताका के तौर पर भी फहराने की जरूरत है।

 

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